Due to heavy rain, water came over the culvert and then ADPO and businessman friend along with the car did not reach home.
एमपी के शिवपुरीके पिछोर न्यायालय में सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश रोशन रविवार शाम को अपने साथी शिवम गुप्ता के साथ घर से निकले थे। इसके बाद सोमवार सुबह उनकी कार बुधना नदी के पुल के नीचे मिली, कार में शिवम का शव था, देर शाम तक नदी में एडीपीओ की तलाश की गई। अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद कर दिया गया। सुबह फिर तलाश करने पर दोपहर करीब 12 बजे उनका सब मनगुली गांव के पास मिला। घटना कुछ इस प्रकार बताई जा रही है। केदार सेन जो की पिछोर में हेयर कटिंग की दुकान चलता है।
एडीपीओ के क्वार्टर के सामने केदार की कटिंग की दुकान है। घटना वाले दिन रोज की तरह केदार अपने घर गैस सिलेंडर लेकर जा रहा था। केदार ने बताया कि एडीपीओ सहाव ने कहां की तुझे हम छोड़ देंगे हमें भी वहीं कुछ काम है। केदार सेन एडीपीओ महोदय की गाड़ी में बैठ गया एडीपीओ के साथ मृतक शिवम निंगोती भी साथ चला गया। एडीपीओ ने केदार को उसके गांव छोड़ दिया भारी बारिश होने पर केदार ने उन्हें रोकना चाहा लेकिन वह नशे की हालत में थे।
और वहां से अपनी कार से निकल आए भारी बारिश होने से पुलिया के ऊपर से पानी जा रहा था। एडीपीओ महोदय ने पुलिया के तेज बहाव में अपनी फोर व्हीलर कार निकलने का प्रयास किया। जिससे कार का संतुलन बिगड़ गया और तेज बहाव से गाड़ी पानी में बह गई। शिवम गुप्ता गाड़ी में ही फस गया और एडीपीओ महोदय गाड़ी से बाहर निकल गए घटनास्थल के 5 किलोमीटर दूर मनगुली गांव के पास दो दिन बाद एडीपीओ राकेश रोशन का शव रेस्क्यू टीम ने ढूंढ निकाला।
जानकारी के मुताबिक, कार में एडीपीओ राकेश रोशन और शिवम गुप्ता के साथ सुजवाहा गांव का रहने वाला केदारनाथ भी सवार था, लेकिन वह रास्ते में अपने गांव में उतर गया था। केदारनाथ सेन शिवम गुप्ता का परिचित है। उसके परिवार में शादी है। जिसकी खरीददारी के लिए वह पिछोर आया हुआ था। केदारनाथ रविवार को अपने गांव जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। इस दौरान उसे शिवम गुप्ता मिल गया। केदारनाथ कार में सवार होकर शिवम और एडीपीओ राकेश रोशन के साथ अपने गांव सुजवाहा के बाहर तक गया।
जब दोनों ने केदार को सुजवाहा गांव छोड़ा, उस वक्त तेज बारिश हो रही थी। सुजवाहा गांव से लौटते वक्त नाला उफान पर था। अनुमान लगाया जा रहा है कि रपटा पार करते वक्त कार सहित दोनों नाले में बह गए। शिवम के पिता अवध कुमार ने पिछोर पुलिस को बताया कि बेटे को 7 जुलाई की रात 8:30 बजे कॉल किया था। शिवम ने कहा था कि घर के सामने वाले केदार की दुकान पर एडीपीओ राकेश रोशन के साथ बैठा हूं। थोड़ी देर में घर आ रहा हूं।
रात 10:30 बजे तक भी बेटा घर नहीं आया तो उसे कॉल लगाया। उसका फोन लगातार बंद आ रहा था। तलाशने के बाद भी शिवम का पता नहीं चला। एडीपीओ के क्वार्टर में भी ताला लगा था। शिवम का दिल्ली में कारोबार है। करीब चार दिन पहले ही वह पिछोर लौटा था। शिवम की शादी नहीं हुई थी। वहीं, एडीपीओ का परिवार ग्वालियर में रहता है।