सागर में आवारा मवेशी कर रहे फसलों को खराब कहीं गौ शाला नहीं तो कहीं रख नहीं रहे हैं मवेशी
सागर में आवारा मवेशी कर रहे फसलों को खराब कहीं गौ शाला नहीं तो कहीं रख नहीं रहे हैं मवेशी
सागर जिले के बीना और खुरई नगर सहित ग्रामीण इलाकों में आवारा पशुओं के आतंक से किसानों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जानवरों के आतंक से उनके सारे प्रयास फेल होते जा रहे हैं। ऐसे ही दो मवेशियों के आपस में लड़ने की वजह से एक किसान खेत से लौटते समय गिरने से घायल हो गया। जिसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खरीफ सीजन की बोवनी शुरू होने के साथ ही गांवों में किसानों के लिए आवारा मवेशी एक चुनौती बन गए हैं।
रात के समय में गाय, सांड और जानवरों के झुंड खेतों में बोई गई फसल को खराब करने के लिए घुस जाते हैं। इनमें वह गाय भी शामिल हैं जो कि पालतू हैं और रात के समय में छोड़ दी जाती हैं। इसके चलते खेत में बोई गई फसलों को यह मवेशी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान प्रवीण असाटी, महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि आवारा मवेशियों ने खेतों को अपना घर बना रखा है। हम किसान सुबह से लेकर रात तक अपने-अपने खेतों की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन सभी प्रयास असफल दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि ध्यान नहीं रखेंगे तो फसल बर्बाद हो जएगी।
बीना शहर सहित आसपास के क्षेत्र में गौ शाला नहीं होने से लोग आवारा मवेशियों के आतंक से काफी परेशान हैं। शहर में आवारा मवेशी, सांड ने कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बीना नगर पालिका की तत्कालीन सीएमओ सुरेखा जाटव ने गौ शाला खोलने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन सरकारी जगह न होने से वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद भी उन्होंने जनप्रतिनिधियों और लोगों से भी अपील कर गौशाला के लिए जगह देने की मांग की लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। वहीं खुरई के हनोता की गौशाला में मवेशी नहीं रखे जाने से किसान परेशान हैं।
किसान अंकेश यादव, प्रवीण असाटी ने बताया कि हम सभी किसानों ने आसपास के सौ-सवा सौ आवारा मवेशी एकत्रित कर उन्हें हनौता गौ शाला छोड़ने के लिए गए तो यह कहकर मना कर दिया कि यहां कोई व्यवस्था नहीं है। यहां न तो जगह है और न ही खाने पीने की कोई व्यवस्था है। किसान अपनी फसलों को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए क्षेत्र के किसान रखवाली के साथ इन दिनों अपने-अपने खेतों के चारों ओर तार फेंसिंग करने में जुटे हुए हैं। वहीं किसानों का कहना है कि पिछले सीजन की फसल तो मवेशियों ने खराब कर दी थी, जिसके चलते हम लोगों का भारी नुकसान हुआ था।
इस बार हम ऐसी चूक करने वाले नहीं हैं। इसलिए तार फेंसिंग कर रहे हैं। आवारा मवेशियों की वजह से हमारा हर साल 30 से 40 प्रतिशत नुकसान होता है। धामोनीपुरा गांव के किसान किशोर सिंह ने बताया कि वह अपने खेत से मवेशियों को भगाकर लौट रहा था कि रास्ते में दो आवारा मवेशी आपस में लड़ रहे थे कि उनसे बचने के लिए वह किनारे होने लगा तो वह फिसलकर गिर गया और उसे सिर में चोटें आई हैं। जिसे एंबुलेंस के माध्यम से खुरई सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।