Father left home for childrens education, SDM set an example of humanity. sagar tv news |
बच्चों की पढ़ाई के लिए पिता ने किया घर त्याग ,एसडीएम ने मानवता की मिसाल पेश की
एक पिता ने दिया शिक्षा को महत्व । शिक्षा के लिए संघर्ष कर झुग्गी झोपड़ी में रहकर मजदूरी कर परिवार का करता है भरण पोषण । बच्चों की पढ़ाई हो सके, इसलिए गांव का घर छोड़ा और सरकारी स्कूलों में करवागा प्रवेश ।एसडीएम बेगगमगंज से लगाई थी मदद की गुहार । रायसेन जिले के बेगगमगंज के ग्रामीण दिनेश अहिरवार ने बताया कि उसके बच्चे आज तक फैल नहीं हुए हैं और सभी प्रथम श्रेणी में पास होते हैं। बेटे अजय अहिरवार का प्रवेश सीएम राइज स्कूल में नहीं हो रहा था, जिसके चलते उन्होंने एसडीएम सौरभ मिश्रा से गुहार लगाई है।
उन्होंने एडमिशन करवाने का भरोसा दिलाया है। परिवार की पढ़ाई के प्रति लगन देख और बच्चों से बात कर एसडीएम सौरभ मिश्रा भी प्रभावित हुए और परिवार से मिलने उसके घर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बेगमगंज तहसील के ग्राम ढिमरोली गांव निवासी दिनेश अहिरवार ने अपना घर इसलिए छोड़ा कि उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। दिनेश अहिरवार ने बताया कि वह पढ़ाई के महत्व को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, वह भी 5वी तक पढ़े हैं, लेकिन उच्च शिक्षित न होने का मलाल रहता है, लेकिन अब वह अपने बच्चों को उच्च शिक्षित करना चाहता है। ताकि उसके बच्चे भी अन्य बच्चों की तरह उच्च पदों पर आसीन हो।
वह शमशान घाट के पास पड़ी सरकारी जमीन पर झुग्गी झोपड़ी बनाकर तीनों बच्चों व पत्नी के साथ पिछले दो माह से रह रहे है, क्योंकि गांव में उनके घर पर आए दिन पारिवारिक विवाद होते थे, जिससे इन विवादों का असर बच्चों की पढ़ाई पर पढ़ रहा था, यही वजह है कि वह गांव का खुद का मकान छोड़ यहां झुग्गी बनाकर रह रहे हैं। खुद मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। तीनों बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूलों में करवा दिया है। दो बच्चों का प्रवेश सीएम राइज और बेटी का गर्ल्स हाई स्कूल में करवाया है।
दिनेश अहिरवार बच्चों संग कुछ दिन पहले आए थे। कुछ पारिवारिक विवाद थे इसलिए वह बच्चों को पढ़ाने बेगमगंज शहर में आए हैं। बच्चे भी पढ़ाई के प्रति जागरुक है इसलिए शासन की तरफ से जो भी मदद की जा सकती है, वह हर संभव तरीका से मदद करवाएंगे। हमने भी उसकी झोपडी पर जाकर पूरे परिवार से सदस्यों से चर्चा की है।