Sagar - Railway tracks filled with water, ponds formed in fields, now very heavy rains are expected.
मध्य प्रदेश में मानसून का सिस्टम एक्टिव हो जाने का असर सागर में दिखाई देने लगा है यहां पर मंगलवार की रात हुई जोरदार बारिश से किसानों के चेहरे एक बार फिर खिल उठे हैं क्योंकि बुवाई के बाद उन्हें अच्छी बारिश की दरकार थी कहीं-कहीं पर फसलों के सूखने जैसे हालात बन गए थे लेकिन बीती रात पूरे सागर जिले में जोरदार बारिश हुई कहीं 3 इंच तो कहीं 6 इंच तक बारिश रिकार्ड की गई जिसकी वजह से खेत भी तालाब से नजर आने लगे, खेतों में पानी का जमाव देखकर ऐसा लग रहा जैसे किया है सपाट मैदान हो, वही सागर मुख्यालय से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर गढ़ाकोटा रोड पर स्थित गिरवर स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया यहां पर रेलवे ओवरब्रिज का कार्य किया जा रहा है जिसकी वजह से मजदूरों को लगाकर पानी निकासी की व्यवस्था करवाई गई ताकि यहां से गुजरने वाली ट्रेन, ट्रैक ना दिखाई देने की वजह से प्रभावित न हो, इसी इलाके में सोयाबीन की अधिक बुवाई की गई जहां खेत पानी में डूबे हुए नजर आए,
और इसी तरह के हाल कुछ सागर शहर में भी दिखाई दिए जहां स्मार्ट सिटी के रूप में यहां पर सैकड़ो करोड़ के कार्य किए गए स्टांम वाटर प्रोजेक्ट पर भी 52 करोड़ खर्च हुए लेकिन चाहे एलिवेटेड कॉरिडोर का हिस्सा हो या फिर अप्सरा टॉकीज रेलवे अंडर ब्रिज राधा टॉकीज के सामने वाली सड़क हो या फिर अहमदनगर या एसबीआई कॉलोनी हो सभी जगह है सड़कों से पानी नदी की किसी धार की तरह बह रहा है
सागर जिले में अब तक 371 मिली मीटर औसत बारिश रिकार्ड की गई है जबकि पिछले साल इसी दिनांक तक 490 मिलीमीटर वारिस हो चुकी थी जिले में इस सीजन सबसे अधिक बारिश 590 mm बीना में तो शाहगढ़ में सबसे कम 198 एमएम है, इसके अलावा जैसीनगर में 245, बंडा में 279, सागर में 529 mm, रहली में 400mm, खुरई में 388, देवरी में 379 mm बारिश हुई है