Crime branch caught the fraud storyteller, Salman Scindia used to impress with his photo with Kamal Nath
फ्रॉड कथावाचक को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा, सलमान सिंधिया कमलनाथ के साथ फोटो से जमाता था रौब
एमपी में क्राइम ब्रांच ने एक फ्रॉड कथावाचक को गिरफ्तार किया है जो खुद को केंद्रीय मंत्री का पीए बताकर अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर करवाता था। उसकी जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब एमपी के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना पर दो टीआई के ट्रांसफर का दबाव बनाया। दरसअल पुष्पेंद्र ने कई केंद्रीय मंत्रियों, बड़े नेताओं और एक्टर के साथ फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रखे हैं। इनके जरिए प्रभाव जमाकर ठगी का जाल बुनता था।
वो बातों में ऐसा उलझाता है कि बड़े-बड़े धोखा खा जाएं। सिर्फ 10वीं पास इस फ्रॉड कथावाचक ने मथुरा-वृंदावन जाकर संस्कृत सीखी। कथावाचक और आचार्य बन गया। गांव में जब उसके सोशल मीडिया पर कुछ बड़े नेताओं के साथ फोटो की चर्चा हुई, तो उसे इज्जत मिलने लगी। इसके बाद वह ठगी के पेशे में रम गया।
आरोपी पुष्पेंद्र को क्राइम ब्रांच ने 5 अगस्त को ग्वालियर से गिरफ्तार किया है। वह डबरा के छोटे से गांव ऊदलपाड़ा का रहने वाला है। गांव में उसे लोग गैंबलर कहकर बुलाते हैं। पुलिस को आरोपी के अब तक 4 बैंक अकाउंट मिले हैं। अब पुलिस बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन की जांच कर उन अफसरों-कर्मचारियों का पता लगा रही है , जिन्होंने उससे ट्रांसफर करवाया है। पुलिस का मानना है की आरोपी ने पुलिस ही नहीं, दूसरे डिपार्टमेंट के लोग भी उससे ट्रांसफर करवा चुके हैं। उसके पास से पुलिस को पांच मोबाइल मिले है.
मोबाइल में से काफी हद तक डेटा डिलीट कर दिया गया है। पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए मोबाइल दिए हैं। साइबर एक्सपर्ट की टीम इन मोबाइल फोन से डेटा रिकवर करने में लगी है। इसके बाद ही पता लग सकेगा कि कौन-कौन पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी उसके संपर्क में थे। कितने मंत्रियों के नाम से वह अधिकारियों को मैसेज कर हड़का चुका है। मोबाइल खुलेगा तो कई बड़े अधिकारियों के राज भी खुल सकते हैं।