If these symptoms are seen in Sagar-Maize, do not take it lightly, the crop will be ruined in a few hours, know from the expert.
कृषि विज्ञानिकों ने फसलों का किया निरीक्षण जिले की मक्का की फसल में बैक्टीरियल स्टॉक राट की बीमारी मिली...
सागर जिले के कृषि विभाग के क़ृषि वैज्ञानिक डॉ आशीष त्रिपाठी ने सागर जिले के पाटन,करहद,रमपुरा करहद सहित दर्जनों गांव के किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कुछ किसानों की शंकर प्रजाति मक्का की फसल में बैक्टीरियल स्टॉक राट नामक बीमारी मिली, जिसके बाद उन्होंने किसानों को इस बीमारी से मक्का की फसल के बचाव के उपाय भी बताए हैं।
डॉक्टर आशीष त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया हमारे जो किसान भाई शंकर प्रजाति का मक्का लगाते हैं उसमें बैक्टीरियल स्टाक रॉट नाम की बीमारी के लक्षण सामने आ रहे हैं इस बीमारी के यह लक्षण है कि जब वर्षा अधिक होती है जमीन अधिक गीली होती है तो उसे समय मक्के के पौधे का तना गिरने लगता है और इस समय अगर किसानों ने यूरिया का उपयोग कर दिया तो यह बीमारी और अधिक बढ़ने लगती है,अगर इस तरह के लक्षण किसान भाइयों की मक्के की फसल में दिख रहे हैं तो सबसे पहले यूरिया का उपयोग बिलकुल न करें।
साथ ही जीवाणु जनित बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए कॉपर ऑक्सिक्लोराइड,कॉपर हाइड्रोक्साइड हाईडाइट,पोसाइड इस तरह की बाजार में दवाइयां मिलती है उनका फसलों पर स्प्रे कर रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है।
इसके साथ ही डॉक्टर आशीष त्रिपाठी ने बताया जो रोगजनित पौधे है उसको काटकर इकट्ठा कर खेत बाहर कर नष्ट कर दें जिससे इस रोग का फसल पर फैलाव ना हो सके।