Sounds were coming from the bushes. The shepherd came closer and then what he saw left my eyes wide open. sagar tv news |
झाड़ियों से आ रही थी आवाजें चरवाहा पास पहुंचा फिर जो दिखा तो आँखे फटी रहे गई
एमपी के छतरपुर जिले के बड़ामलहरा के बीच जंगल में झाड़ियों के बीच तीन माह की दुधमुंही बच्ची रोते बिलखते हुए ग्रामीणों चरवाहों को मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया । मौके पर मौजूद लोगों ने आनन फानन में घुवारा पुलिस को सूचना दी । सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस विभाग की पुलिस चौकी घुवारा अंतर्गत अगरोठा और गोरखपुरा ग्राम एस डी ओ पी रोहित अलावा घुवारा चौकी प्रभारी प्रमोद रोहित समाजसेवी टिंकू गोश्वामी ने उक्त रोती बिलखती बच्ची को गोद मे लेकर जिसके शरीर में लगी चींटियां को अलग किया और उसे अपने घर से नहला धुलाकर उसके कपड़े बदलकर दूध पिलाकर उसे सी एच सी घुवारा ले गए ।
जहाँ बच्ची का डॉक्टर आनन्द यादव आर एन पटेरिया स्टॉफ नर्स माधुरी जघेला ने स्वास्थ्य परीक्षण कर जिला अस्पताल रेफर किया । जहां महिला बाल विकास विभाग की देखरेख में बच्ची को एन आर सी केंद्र छतरपुर में भर्ती किया गया है । उक्त मानवीय कार्य मे आरक्षक वीरेंद्र ठाकुर,समाजसेवी टिंकू गोस्वामी मुकेश यादव दीपक रैकवार की सराहनीय भूमिका रही । फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है । इस प्रकार की अमानवीय घटना को किसने अंजाम दिया है। यह फिलहाल पुलिस की जांच का विषय है। ख़बर लिखे जाने तक नवजात की ठीक है। जिसका जिला अस्पताल छतरपुर में उपचार चल रहा है।