अजीज खां मंसूरी की जमीन पर हनुमान मंदिर, हिंदू-मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल दिखी
अजीज खां मंसूरी की जमीन पर हनुमान मंदिर, हिंदू-मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल दिखी
रायसेन जिले के बेगमगंज में एक मुस्लिम परिवार की ज़मीन पर बना मंदिर डूब में आने पर जब उसे मुआवजा मिला तो उस परिवार ने मंदिर समिति को पूरा मुआवजा देकर मिसाल कायम की है एक और जहां देश में मंदिर मस्जिद के नाम पर आए दिन विवाद सामने होते रहते हैं वही रायसेन जिले के बेगमगंज शहर में गंगा जमुनी तहजीब की वह शानदार मिसाल निकल कर सामने आई है जहां बीना नदी के किनारे हाजरा बी पत्नी अजीज खां मंसूरी एडवोकेट की भूमि पर गोकुलदास की तरी के नाम से प्रसिद्ध हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है।
उक्त भूमि बीना बहुउद्देशीय परियोजना में मडिया बांध के डूब क्षेत्र में आने पर जहां किसानों को जमीनों का मुआवजा दिया गया है वहीं उक्त मंदिर का मुआवजा भी हाजरा बी के नाम से शासन द्वारा दिया गया क्योंकि जिस जमीन पर मंदिर बना है वह हाजरा बी के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। और 7 लाख 51हजार रुपए का मुआवजा मंदिर के भवन का शासन द्वारा दिया गया था।जिसे बुधवार को एसडीएम सौरभ मिश्रा के समक्ष हाजरा बी के पति अजीज खां मंसूरी एडवोकेट अपने परिजनों के साथ पहुँचकर आवश्यक लिखा पड़ी के उपरांत मंदिर समिति के मुन्नालाल कुशवाहा पंडा,
सचिव ओमप्रकाश गौर व अन्य समिति सदस्यों को मंदिर समिति के नाम से चेक के माध्यम से पूरी राशि देकर बेहतरीन मिसाल कायम की और हिंदू मुसलमान के बीच नफरत की दीवार खड़ी करने वालों को एक पैगाम दिया की रायसेन जिले के बेगमगंज में हिंदू मुसलमान भाइयों की तरह रहते हैं।अजीज खान की इस पहल का जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया वही मंदिर समिति ने भी धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एसडीएम सौरभ मिश्रा को यकीन दिलाया की दूसरी जगह जहां मंदिर निर्माण होगा शिलालेख पर अजीज खां का नाम भी अंकित किया जाएगा।और पूरी राशि मंदिर निर्माण में ही खर्च की जाएगी इसका शपथ पत्र भी दिया गया है।