बगाज माता मंदिर पर लाखों श्रद्धालुओं ने चढ़ाए जवारे सदियों पुरानी परम्परा
बगाज माता मंदिर पर लाखों श्रद्धालुओं ने चढ़ाए जवारे सदियों पुरानी परम्परा
एमपी के टीकमगढ बुन्देलखण्ड के टीकमगढ़ में भी प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ बगाज माता मन्दिर पर मेला लगा हुआ है। यहां जवारे चढ़ाने के लिए लाखों भक्तों की भीड़ पहुंच रही है। मान्यता है कि इस मंदिर में जहरीले कीड़ों और वाधाओं से सताए लोग ठीक होते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद बाद नवरात्र में जवारे चढ़ाए जाते हैं। तीन दिन तक भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहता है। मंदिर में एक साथ डेढ़ लाख लोगों के एक बार में रुकने का इंतजाम है। बगाज माता मंदिर को सिद्ध शक्ति पीठ के रूप में मान्यता मिली है।
मां बगाज माता मन्दिर मेें विद्या की देवी सरस्वती जी की प्रतिमा विराज मान है। मां बागेश्वरी देवी का आशीर्वाद पाने जहरीले जीव-जन्तुओं जैसे सांप, गोहेेेरा, बिच्छू, पागल कुत्ते के काटने वाले लोग बड़ी संख्या में यहां आते हैं। कहा जाता है कि पीड़ित लोग मन्दिर परिसर में परिक्रमा लगाते ही ठीक हो जाते हैं।
जिन लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं वह यहां आकर पूजन एवं जवारे चढ़ाते हैं। लोग अपने घर, गांव, शहर में नवरात्र शुरू होते ही जवारे लगाते हैं। इसके बाद अष्टमी, नवमीं पर यहां जवारे लाकर माता के चरणों में अर्पित करते हैं। टीकमगढ़ जिले के अलावा छतरपुर, सागर, पन्ना, ललितपुर, झांसी समेत अन्य राज्यों से भी लोग आते हैं। माता के दरबार में बधाई भी होती है। चैत्र नवरात्र होने से फिलहाल यहां मेला लगा हुआ है। जिसमें भक्ति के साथ श्रद्धालु खरीदी कर रहे हैं। टीकमगढ़ एस डी एम संजय दुबे ने बतया की अष्टमी की रात्रि 11 बजे जवारे आना शुरू हो गया था।
नोवी की शॉम तक 5 से 6 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर जवारे विसर्जन कर जा चुके हैं। एसडीएम में बताया की हमरे साथ तहसीलदार, के साथ जनपद पंचयात एवं राजस्व विभाग अमला लगा हुआ है। वही टीकमगढ़ पुलिस एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि मंदिर परिसर में भीड़ अधिक होने के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं पुलिस को चार पारियों में लगाया गया है और मंदिर से दो-दो किलोमीटर दूर से बैरिकेडिंग लगाकर चार पहिया दो पहिया बहनों को रोक दिया गया है मंदिर पर अभी तक 5 लाख से अधिक लोग दर्शन कर जा चुके हैं।