किसानों को दिवाली का तोहफा, गेहूँ, चना सहित इन फसलों की MSP बढ़ाई, देखिए नई कीमत
किसानों को दिवाली का तोहफा, गेहूँ, चना सहित इन फसलों की MSP बढ़ाई, देखिए नई कीमत
दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है सरकार के द्वारा 6 फसलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया गया है इसमें सबसे ज्यादा इजाफा सरसों-तिलहन में 300 रुपए किया गया। गेहूं में 150 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया गया। इस तरह गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,425 रुपए क्विंटल हो गया है। जौ, चना, मसूर, कुसुम की MSP में भी बढ़ोतरी की गई है। ये फैसला मोदी कैबिनेट मीटिंग में लिया गया।
सरसों पर प्रति क्विंटल 300 रुपये MSP बढ़ाई गई है और ये 5,650 रुपये प्रति क्विंटल से 5,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. इसी तरह चने का MSP 210 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का फैसला किया गया है और इसका नया एमएसपी 5,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो पहले 5440 रुपये प्रति क्विंटल था.इसके अलावा मसूर पर एमएसपी में 275 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है और ये 6,425 रुपे से बढ़कर 6,700 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. सैफ्लाॉवर पर 140 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और ये 5,800 रुपये से बढ़कर 5,940 रुपये कर दिया गया है.
रबी फसल की बुआई अक्टूबर-नवंबर के समय की जाती है। इन फसलों की कटाई आमतौर पर गर्मी के मौसम में अप्रैल में होती है। ये फसलें बारिश से ज्यादा प्रभावित नहीं होतीं। रबी की प्रमुख फसलें गेहूं, चना, मटर, सरसों और जौ हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य वो गारंटीड मूल्य है, जो किसानों को उनकी फसल पर मिलता है। भले ही बाजार में उस फसल की कीमतें कम हों। इसके पीछे तर्क यह है कि बाजार में फसलों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का किसानों पर असर न पड़े। उन्हें न्यूनतम कीमत मिलती रहे।
सरकार हर फसल सीजन से पहले कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइसेस (CACP) की सिफारिश पर MSP तय करती है। यदि किसी फसल की बम्पर पैदावार हुई है तो उसकी बाजार में कीमतें कम होती हैं, तब MSP उनके लिए फिक्स एश्योर्ड प्राइज का काम करती है। यह एक तरह से कीमतें गिरने पर किसानों को बचाने वाली बीमा पॉलिसी की तरह काम करती है।