सागर-बीना जीआरपी को 200 मीटर की दूरी में आने में लगा डेढ़ घंटे का समय और फिर
सागर जिले के बीना रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की शाम को इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया। ट्रेन में एक महिला की जान चली गई। जिसके बाद डेड बॉडी को प्लेटफार्म पर उतारा गया। स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों ने जीआरपी को कई बार कॉल किया लेकिन जीआरपी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। डेढ़ घंटे बाद जीआरपी को होश आया और वह पंचनामा कार्रवाई करने के लिए पहुंची। शव को मर्चुरी में रखवा दिया गया है। जिसका कल बुधवार को पीएम किया जाएगा। जानकारी के अनुसार नजमा खान (40) अपनी बच्ची के साथ समता एक्सप्रेस ट्रेन में ग्वालियर से पुणे की यात्रा कर रही थी। बच्ची ने बताया कि वह एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए ग्वालियर गई हुई थे।
शादी में शामिल होने के बाद अपनी मां के साथ अपने घर लौट रही थी। ट्रेन के जनरल कोच में यात्रा के दौरान मां की तबीयत अचानक से खराब होने लगी तो यात्रियों को बताया। इसके बाद यात्रियों ने ट्रेन के स्टॉफ को जानकारी दी। सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल के डॉक्टर और स्टॉफ तैयार हो गया। जैसे ही समता एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची तो तत्काल डॉक्टर की टीम मौके पर पहुंची और महिला की जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। डेड बॉडी को ट्रेन से उतरा दिया दिया। बच्ची ने बताया कि ग्वालियर से वह अपनी मां के साथ ट्रेन में चढ़ गई थी और उसकी दूसरी बहन ट्रेन में नहीं चढ़ पाई थी तो वह छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन से आ गई। घटना की जानकारी जीआरपी को दी गई।
वहीं बीना के प्लेटफार्म नंबर दो से जीआरपी थाने की दूरी महज 200 मीटर है। महिला का डेड बॉडी प्लेटफार्म पर पड़ा हुआ था और महिला की लड़कियां बिलख रही थी लेकिन जीआरपी स्टॉफ को इतनी भी रहम नहीं आई कि वह मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई कर सके। मौके पर पहुंचे समाजसेवी अब्दुल रतीफ ने बताया कि कई बार अधिकारियों ने जीआरपी को कॉल किया लेकिन उसके बाद भी जीआरपी का स्टॉफ मौके पर नहीं पहुंचा। समता एक्सप्रेस ट्रेन बीना स्टेशन पर दोपहर करीब 3:46 बजे पहुंची थी और 15 मिनट तक खड़ी रही। इसके बाद जीआरपी शाम करीब 5.20 बजे पहुंची। वहां मौजूद लोगों का कहना है कि कोई अज्ञात डेड बॉडी मिलता है तो जीआरपी जल्दी पहुंच जाती है और यदि कोई ज्ञात डेड बॉडी मिलता है तो जीआरपी बहुत देरी से पहुंचती हैं।