बेटी ने तोड़ा दिल, फैमिली ने जिंदा औलाद की तस्वीर पर चढ़ाई माला
एमपी के मंदसौर जिले के दलावदा गांव में एक परिवार ने अपनी जिंदा बेटी का क्रियाकर्म कर दिया। इसके लिए परिवार ने एक शोक पत्रिका छपवाई और मृत्युभोज का भी आयोजन किया। जिसमें समाज के लोग के लोग पहुंचे। सीतामऊ तहसील के दलावदा गांव की रहने वाली युवती ने 12 नवंबर को घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया। परिजनों ने सीतामऊ थाने में युवती की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। जिसके अगले दिन पुलिस युवती और उसके प्रेमी को खोजकर थाने ले आई।
यहां युवती ने अपने बयान में कहा- मैं बालिग हूं। प्रेमी के साथ रहने का मेरा खुद का फैसला है। दो महीने बाद होनी थी शादी ,युवती के मौसा ने बताया कि उसे बहुत लाड प्यार से बड़ा किया हैं। दो महीने बाद उसकी शादी होने वाली थी। इससे पहले ही उसने पास के गांव गुराड़िया गौड़ के रहने वाले एक युवक के साथ भागकर शादी कर ली। थाना पहुंचे उसकी मां, मौसा, भाई, दादी ने उसे समझाना कर घर ले जाने की कोशिश की। 80 साल की दादी ने पैर तक पकड़ लिए थे। दादी ने पैर पकड़कर कहा कि बेटी घर चलो हम दो दिन बाद लगन निकलवा कर इसी लड़के से शादी करवा देंगे।
समाज और परिवार में मान सम्मान बना रहेगा। किसी को सिर नीचे नहीं करना पड़ेगा, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। पुलिस के सामने कह दिया कि वो किसी को नहीं जानती है, उसका कोई परिवार नहीं है। इसके बाद युवती के परिवार वालों ने तय किया कि जिन्होंने उसे पालपोश कर बड़ा किया उन्हें नहीं पहचानती तो फिर उससे रिश्ता क्या रखना। इसके बाद उसके क्रियाकर्म का कार्यक्रम किया। युवती के भाई विनोद ने बताया कि उसकी बहन ने घर से भाग कर एक लड़के के साथ प्रेम विवाह कर लिया।
हमने उसे बहुत समझाया वह नहीं मानी। इसके बाद आज हमने बहन के क्रियाकर्म का कार्यक्रम किया। इसमें समाज के करीब लोग शामिल हुए। सुबह उसका क्रियाकर्म किया और मृत्युभोज किया। भाई ने कहा कि यह सब कर हम यही संदेश देना चाहते है कि लड़कियां परिवार वालों को नीचा न दिखाए। परिजनों ने शोक कार्यक्रम के बाद युवती से जुड़ी सभी यादों को खत्म कर दिया। युवती के कपड़े, फोटो और बाकी सारे समान में आग लगाकर जला दिया।