Sagar-गांधीजी की गिरफ्तारी पर डॉ. गौर केंद्रीय विधानसभा में लाए थे प्रस्ताव, कानून बताया था दमनकारी
Sagar-गांधीजी की गिरफ्तारी पर डॉ. गौर केंद्रीय विधानसभा में लाए थे प्रस्ताव, कानून बताया था दमनकारी
सागर सपूत, महान दानवीर, कानूनविद, शिक्षाविद डॉ. हरीसिंह गौर की 155 जन्म जयंती मनाई जा रही है, साथ ही इस बार भारत रत्न दिलाने की मांग ने काफी जोर पकड़ लिया है, ऐसे में डॉ गौर को लेकर कुछ नै जानकारियां सामने आई, देश की आजादी की लड़ाई के समय जब 4 जनवरी 1932 को महात्मा गांधी को गिरफ्तार कर लिया गया। फ्रंटियर गांधी यानी अब्दुल गफ्फार खान को भी निर्वासित कर गिरफ्तार कर लिया गया। तब स्वाधीनता के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन से विधिवेत्ता डॉ. हरीसिंह गौर भी अछूते नहीं रहे।
वे भी दुख एवं पीड़ा में थे कि ब्रिटिश सरकार द्वारा और विशेष रूप से गवर्नर जनरल इन काउंसिल द्वारा राष्ट्रीय नेताओं से मंत्रणा बिना और उपनिवेशीय केंद्रीय विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए बिना दमनकारी अध्यादेश जारी कर दिए गए। डॉ. गौर ने पूरे देश में लेखन पर सेंसरशिप, प्रतिबंध और निषेध की भी आलोचना की थी। यह खुलासा डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की भारत रत्न कमेटी के सदस्य डॉ. संदीप रावत द्वारा की गई रिसर्च में हुआ है। सुनिय वो क्या कह रहे है