Sagar -बनारस या हरिद्वार नहीं ये सागर में लाखा बंजारा झील किनारे घाट पर गंगा आरती का नजारा है

 

 

सागर में सोमवार को सागर की ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील के किनारे गंगा आरती का दिव्य और भव्य आयोजन हुआ, जिसने बनारस और हरिद्वार की गंगा आरती की याद दिला दी। संध्याकाल में झील की लहरें ऐसी प्रतीत हो रही थीं, मानो स्वयं गंगा मां का आशीर्वाद वहां प्रकट हो रहा हो। झील के किनारे हज़ारों की संख्या में जुटे श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य से अचंभित हो गए। दिन ढलते ही जैसे ही आरती शुरू हुई, घाट पर पैर रखने की जगह नहीं बची। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए। ढपला, रमतुला, ढोल-नगाड़े और उज्जैन के प्रसिद्ध डमरू दल की धुनों के साथ आरती प्रारंभ हुई। शंखनाद ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

 

 

 

धूप, गूगल और शुद्ध घी के सुगंधित धुएं ने माहौल को पवित्र बना दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन ,झील किनारे चकराघाट से गणेशघाट तक 400 मीटर क्षेत्र में फैले विशाल घाट पर स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चकराघाट की पहली छतरी पर बरेदी और शेर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। दूसरी छतरी पर कालबेलिया नृत्य और नौरता नृत्य ने सबका मन मोह लिया। तीसरी छतरी पर बधाई लोकनृत्य और चौथी छतरी पर शहनाई की मधुर धुन ने दर्शकों को आनंदित किया। अष्टसखी मंदिर के पास गजीवो पर कृष्णलीला रास की अद्भुत प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

 

 

 

 

नवग्रह मंडपम के मंच पर जयपुर के कलाकारों ने सितार और संतूर पर शास्त्रीय धुनों से समां बांधा। महाकाल मंदिर की तर्ज पर शिवलिंग पूजन ,गंगा आरती को विशेष बनाने के लिए महाकाल मंदिर उज्जैन की तर्ज पर शिवलिंग विग्रह को सजाकर विधिवत पूजन किया गया। 11 पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 21 दीपों वाली विशाल आरती संपन्न की। लाखा बंजारा झील की आरती में 5100 दीपकों से दीपदान किया गया। आटे से बने दीपकों को छियोल पत्ते की दोनों में सजाकर झील की लहरों पर प्रवाहित किया गया। दीपों की झिलमिलाहट से झील का हर कोना प्रकाशमय हो उठा। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ,गंगा आरती के दौरान सागर के हजारों नागरिकों के साथ दूर-दराज से आए आगंतुकों ने भी भाग लिया।

 

 

 

 

आरती के बाद प्रसाद वितरण और झील के मनोरम दृश्य का आनंद देर रात तक लिया गया। इस आयोजन ने स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शन के लिए समृद्ध मंच प्रदान किया। झील का सौंदर्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक ऊर्जा ने इसे एक यादगार आयोजन बना दिया। यह आयोजन न केवल लाखा बंजारा झील के ऐतिहासिक महत्व को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, बल्कि यह सागर को एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


By - sagar tv news
24-Dec-2024

YOU MAY ALSO LIKE

POPULAR POSTS

आखिर कब ख़त्म होगा बिच्छू,007 और 56 गैंग का आतंक, शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल पुलिस कार्रवाई बेअसर
by sagar tv news, 20-Jan-2026
Sagar- जया बच्चन ने शादी को बताया आउटडेटेड, तो क्या बोली सागर की लड़कियाँ |SAGAR TV NEWS|
by sagarttvnews, 04-Dec-2025
CM मोहन यादव 12 नवंबर को सिवनी में लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर होंगे ₹1500 |SAGAR TV NEWS|
by sagar tv news, 11-Nov-2025
सागर- चोरी हुई नवजात को सुरक्षित सौंपा, भावुक हुए अधिकारी!, सागर पुलिस की संवेदनशीलता का उदाहरण
by sagar tv news, 30-Oct-2025
सागर में BJP नेताओ की गुटबाज़ी जारी, विधायक आपसी राजनीति में उलझे, प्रदेश हाईकमान जल्द लेगा एक्शन
by Shiva Purohit Sagar MP,
सोनम की गिरफ्तारी के बाद 5 तस्वीरें ! सोनम की गिरफ्तारी के बाद सामने आईं ये तस्वीरें ! sagar tv news
by sagar tv news , 10-Jun-2025
Read More

Sagartvnews subscribe on youtube



NEWSLETTER

सागर टीवी न्यूज़ से सबसे पहले न्यूज़ लेने के लिए अभी अपना ईमेल डालें और सब्सक्राइब करें
Sagar TV News.