तहसीलदार और शिक्षक जमीन के नामांतरण के एवज में 7 हजार रुपए रिश्वत लेते धरे गए | sagar tv news |
उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार शाम एमपी के देवास जिले के सोनकच्छ में तहसीलदार और एक प्राथमिक शिक्षक को 7,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत ग्राम कुमारिया राव में एक भूमि के नामांतरण के बदले मांगी गई थी। शिकायत कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रवींद्र दांगिया ने दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता रवींद्र दांगिया ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन को आवेदन दिया था कि उनके नाम पर ग्राम कुमारिया राव, इंदौर-भोपाल रोड पर स्थित भूमि के नामांतरण के लिए उन्होंने एक माह पहले लोकसेवा केंद्र सोनकच्छ में आवेदन किया था। तहसील कार्यालय के कर्मचारी जय सिंह परमार ने तहसीलदार मनीष जैन से काम करवाने के लिए 7,000 रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत का सत्यापन लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान द्वारा कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
27 दिसंबर 2024 को लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के निर्देशन में ट्रैप दल का गठन किया गया। तहसील कार्यालय में रवींद्र दांगिया ने बाबू जय सिंह को 7,000 रुपये दिए। जय सिंह ने यह राशि तहसीलदार मनीष जैन के चैंबर में सौंपी। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने दोनों को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। तहसीलदार मनीष जैन शुक्रवार को खाद वितरण निरीक्षण के लिए वेयरहाउस गए थे। लौटने पर शिकायतकर्ता ने बाबू को रिश्वत दी, जो तहसीलदार तक पहुंचाई गई।
लोकायुक्त ने तहसीलदार और बाबू को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार बाबू जय सिंह तहसील कार्यालय में अटैच प्राथमिक शिक्षक है। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
रवींद्र दांगिया, शिकायतकर्ता: भूमि के नामांतरण के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। मैंने लोकायुक्त को शिकायत की, जिन्होंने कार्रवाई कर दोनों को पकड़ लिया। सुनील तालान, डीएसपी लोकायुक्त उज्जैन:शिकायत सही पाई गई। तहसीलदार और बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।