मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने सड़क पर लेटा परिवार, मुआवजे की मांग पर जताया विरोध
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में मुख्यमंत्री के काफिले के सामने एक परिवार के तीन सदस्यों ने सड़क पर लेटकर अपना विरोध जताया। इस परिवार का आरोप है कि ज़मीन अधिग्रहण के बाद उन्हें पूरा मुआवज़ा नहीं मिला है। अपनी शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने यह कदम उठाया। इस घटना के कारण कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री का काफिला रुक गया। सिवनी जिले के इस परिवार ने बताया कि उनकी ज़मीन का अधिग्रहण सरकार ने किया था, लेकिन मुआवज़े की राशि पूरी तरह से अब तक नहीं दी गई है। परिवार कई बार प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगा चुका था, लेकिन सुनवाई न होने के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने यह कदम उठाने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री जब जिले के दौरे पर थे, तभी उनका काफिला सिवनी की मुख्य सड़क से गुजर रहा था। अचानक इस परिवार के तीन लोग, जिनमें एक महिला और दो पुरुष शामिल थे, मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने आकर सड़क पर लेट गए। इस अप्रत्याशित घटना के कारण काफिला कुछ देर के लिए रुक गया। मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिवार को सड़क से हटाया। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला आगे बढ़ गया। हालांकि, इस दौरान परिवार के सदस्यों ने जोर-जोर से अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाई। सड़क से हटाए जाने के बाद परिवार ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्या सुनने के लिए तैयार नहीं है और मुख्यमंत्री तक भी उनकी बात पहुंचने नहीं दी गई। परिवार ने कहा,
हम अपनी ज़मीन खो चुके हैं और जो मुआवज़ा दिया गया है, वह हमारी जरूरतों के हिसाब से काफी कम है। सरकार हमारी परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रही है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन का कहना है कि परिवार की शिकायत को पहले भी सुना गया है और मुआवजे को लेकर प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, परिवार के अनुसार, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना दिया है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकार और प्रशासन के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर करती हैं। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह मामला संवेदनशील है और सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। घटना के दौरान मुख्यमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और उनका काफिला आगे बढ़ गया। इससे परिवार और स्थानीय लोग निराश हैं।
सवाल उठ रहे हैं कि क्या आम जनता की समस्याओं को सरकार गंभीरता से ले रही है या नहीं। सिवनी की यह घटना सरकार और प्रशासन के बीच संवाद की कमी को उजागर करती है। यदि समय रहते इस परिवार की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं। यह घटना सरकार के लिए एक चेतावनी है कि आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना अब और संभव नहीं। आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।