Sagar-मंत्री गोविंद सिंह की खुरई में एंट्री से हलचल तेज,धर्मसभा में पहुँचे। गोपाल भार्गव भी दिखे साथ
धर्म और राजनीति वैसे तो एक दम अलग है लेकिन आज राजनीति में धर्म और धर्म मे राजनीति का होना स्वाभाविक हो गया है। सागर में जहां राजनीति का पारा गर्म है वही इसी बीच गोविंद राजपूत एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार उनके सुर्खियों में आने की वजह है खुरई विधानसभा में उनकी एंट्री, इस एंट्री से राजनैतिक हलकों में हलचल एक बार फिर बढ़ गयी है ।
क्यों कि उनकी एंट्री के साथ ही खुरई विधायक पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के विरोधी अरुणोदय चौबे का ताकतवर दिखाई देने लगे है। इस पर सोने पर सुहागा ये हुआ कि मंत्री गोविंद राजपूत, पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे के साथ पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी दिखाई दिए। जबकि अपनी ही विधानसभा में आयोजित इस कार्यक्रम से खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह नदारत दिखाई दिए।
दरअसल सागर जिले के खुरई में द्वारका शारदा पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज धर्म सभा को संबोधित करने के लिए पहुंचे। इस कार्यक्रम में अरुणोदय चौबे की एहम भूमिका रही। इसलिए गोविंद सिंह राजपूत का कार्यक्रम में शामिल होना और वहा उनका भव्य स्वागत होना राजनीति के लिहाज से बड़ी खबर बन गयी।
क्योंकि हाल ही में गोविंद राजपूत और भूपेंद्र सिंह के बीच तल्खियां बढ़ गयी है ।दोनों के बीच सीधी लड़ाई चल रही है। वही भूपेंद्र सिंह और अरुणोदय चौबे के बीच एक अरसे से क्या चल कुछ है वो भी किसी से नही छिपा है। दोनों के बीच नफरत की इंतिहा हो चुकी है।
जहां एक तरफ भूपेंद्र सिंह ने मंत्री राजपूत और अरूणोदय चौबे के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। बीते कुछ दिनों पहले उनके बेटे अभीराज ने सुरखी विधानसभा में जोरदार एंट्री की थी। जिस को एक तरह से गोविंद सिंह राजपूत के लिए भूपेंद्र सिंह ललकार के रूप में देखा गया था जबकि अब जब गोविंद राजपूत खुरई पहुँचे तो इसको भी उसी का पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि ये कार्यक्रम धार्मिक था लेकिन राजनैतिक लोगो का इसमें पहुँचना वो भी ऐसे वक्त पर जब राजनीति पूरे उफान पर है तो ऐसे में इसके राजनैतिक मायने निकलना भी स्वाभाविक है।