थाने में पीले-पीले ओ मोरे राजा पर ठुमके लगाना दरोगा जी को पड़ा महंगा, SP ने किया लाइन अटैच
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के धरमपुर थाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी शराब के नशे में धुत होकर पीले-पीले ओ मोरे राजा जैसे फूहड़ गानों पर डांस कर रहे हैं। यह मामला चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि थाना परिसर को होटल और पार्टी हॉल में तब्दील कर दिया गया। सोशल मीडिया पर इस वायरल वीडियो के बाद पन्ना पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस. थोटा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाने के पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया और एसडीओपी अजयगढ़ को जांच सौंपी।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला धरमपुर थाने में पदस्थ थाना प्रभारी बलबीर सिंह के जन्मदिन का है। उनके जन्मदिन को पुलिसकर्मियों ने नाइट क्लब में बदल दिया और नशे में चूर होकर जमकर डांस किया। थाने के भीतर इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार ने पुलिस महकमे की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में शराब के नशे में पुलिसकर्मी झूमते और आपत्तिजनक गानों पर ठुमके लगाते नजर आ रहे हैं।
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विपक्ष ने शिवराज सरकार और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी ने बयान दिया कि—जब कानून की रखवाली करने वाले खुद कानून तोड़ रहे हैं, तो जनता को इंसाफ कौन दिलाएगा? एक तरफ सरकार शराबबंदी की बात कर रही है और दूसरी तरफ उनके पुलिसकर्मी थाने में ही शराब पार्टी कर रहे हैं। वहीं, कई स्थानीय लोगों ने कहा कि—जब सैया बने कोतवाल, तो डर काहे का!
वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पन्ना पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस. थोटा ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए थाने के दोषी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।एसपी ने कहा कि—थाना परिसर में इस तरह की अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के धार्मिक स्थलों और 17 नगरों में शराबबंदी लागू करने की तैयारी कर रही है।
लेकिन दूसरी तरफ पुलिसकर्मी ही शराब पीकर कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। फिलहाल, एसडीओपी अजयगढ़ को मामले की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुलिस महकमे में इस तरह की अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई होती है या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। आपको क्या लगता है? क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।