रेत उत्खनन का नया तरीका,साधारण मिट्टी बताकर किया जा रहा है सिंध नदी का दोहन | sagar tv news |
एमपी के शिवपुरी जिले में प्रशासन ने सिंध नदी से रेत उत्खनन का एक नायाब तरीका निकाला है। यहां से रेत निकाली जा रही है, लेकिन इसे गौण खनिज बताया जा रहा है। गौण खनिज को ग्राम पंचायतें और ग्रामीण निजी उपयोग के लिए ले सकते हैं, लेकिन इसका कारोबार नहीं कर सकते हैं। हालांकि, यहां जिस तरह से ट्रैक्टर, ट्रॉली, हितैशी और अन्य उपकरण उत्खनन में लगे हैं, उससे साफ लगता है कि यह गोरखधंधा कारोबार के लिए किया जा रहा है। गौण खनिज उत्खनन तो बहाना भर है।
जिला खनिज अधिकारी का कहना है कि सिंध नदी में रेत है, लेकिन यहां से रेत नहीं मिट्टी उठाई जा रही है। जिसे स्थानीय ग्रामीण और ग्राम पंचायतें उपयोग में लेती हैं। विधायक के कहने पर कई घाटों पर खदानें बंद कर दी गई हैं। कोलारस तहसील में कोई वैध रेत की खदान नहीं है। यह मिट्टी तालाब और कुएं बनाने के काम आती है। इस पूरे मामले में सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन वास्तव में गौण खनिज उत्खनन की अनुमति दे रहा है या यह सिर्फ एक बहाना है रेत की अवैध खदानों को चलाने के लिए। इस मामले में जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई सामने आ सके।