Sagar- छोटा करीला में राई नृत्य का आयोजन, मेले में पहुंचे हजारों लोग, मन्नत पूरी हुई तो दिया बधाव
देश के एकमात्र सीता मंदिर अशोकनगर में रंग पंचमी का मेला सदियों से लगता आ रहा है इसी तर्ज पर सागर के राजीव नगर में भी मां जानकी मंदिर है जहां पर पिछले 7 साल से बधाई नृत्य का आयोजन किया जाता है जिन लोगों की मन्नत पूरी हो जाती है, वे मां जानकी के दरबार में नृत्य करने वाली महिलाओं को बधाव देते हैं
19 मार्च दिन बुधवार को इस मेले का आयोजन किया गया जिसमें सुबह 11:00 बजे से शाम के 6:00 बजे तक हजारों लोगों की भीड़ इसमें शामिल होने के लिए पहुंची वहीं महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी यहां पर यह कार्यक्रम देखने पहुंचे जो छोटे-छोटे बच्चे होते हैं उनकी खुशी के लिए परिजन इन महिलाओं को बधाव के रूप में पैसे देते हैं,
कहा जाता है कि जब भगवान राम ने माता सीता को वन भेज दिया था तो वहां ऋषि वाल्मीकि आश्रम में लव और कुश का जन्म हुआ था किसी को जानकारी नहीं होने की वजह से उनका कार्यक्रम नहीं हो पाया था जब भगवान इंद्र को जानकारी मिली सुबह होली की रंग पंचमी पर वाल्मीकि जी के आश्रम में पहुंचे थे जिनके साथ में अप्सराय भी थी उन्होंने नृत्य किया था तब से ही यह परंपरा शुरू हुई है करीला अशोकनगर की तर्ज पर सागर में अभी आए आयोजन होने लगा है