Sagar- आबकारी सब इंस्पेक्टर बने युवक के सिलेक्शन पर सवाल,एक फोटो से मचा बवाल
सागर जिले के एक युवक का दिव्यांग कोटे से आबकारी सब इंस्पेक्टर के पद पर चयन हुआ है, लेकिन इस युवक का ड्राइवरी लाइसेंस, दृष्टिबाधित सर्टिफिकेट और सोशल मीडिया पर अपलोड फोटो से बवाल मच गया है, क्यों कि वह शख्स जिसे पूरी तरह दिखाई नहीं देता, फर्राटे से बाइक और कार चला रहा है। ऐसे लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस बन ही नहीं सकता, मगर उसका लाइसेंस बना हुआ है। सबसे खास बात कि ये दृष्टिबाधित युवक मध्यप्रदेश सरकार में दिव्यांग कोटे से एक्साइज डिपार्टमेंट में सब इंस्पेक्टर के रूप में चयनित है। सवाल उठाते हुए कहा है कि या तो सत्यम का ड्राइवरी लाइसेंस गलत है या फिर एग्जाम के लिए दिया दृष्टिबाधित सर्टिफिकेट,
दरअसल, इसी साल 18 जनवरी को MPPSC 2022 का रिजल्ट जारी हुआ। उसमें सागर के रहने वाले सत्यम रजक का दिव्यांग कोटे से आबकारी सब इंस्पेक्टर के तौर पर चयन हुआ है। उज्जैन के रहने वाले प्रिंस यादव ने सत्यम रजक के सिलेक्शन पर सवाल उठाए हैं।
सत्यम रजक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया साथ ही कहा है कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस 2017 में बना था उस समय वह स्वास्थ्य था और पुलिस कांस्टेबल, जेल पहरी की परीक्षा भी दी थी लेकिन कोरोना आने के बाद coats eils रिसीज नाम की बीमारी हो गई, जिसके बाद भोपाल और नागपुर में इलाज कराया है, 2021 के बाद लगातार यह बढ़ती गई और 2023 में विकलांगता के लेबल पर पहुंच गई, इसलिए उन्होंने यह सर्टिफिकेट बनवाया था,
और जो वाहन चलाने को लेकर आरोप लगाए हैं उस पर कहना है कि आंखों की बीमारी 2021 में हुई है उसके पहले 2017 में ड्राइविंग लाइसेंस बना था उस समय दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाता था वाहन अभी भी चला सकता हूं लेकिन दूसरों की सुरक्षा के हिसाब से ड्राइविंग करना बंद कर दिया है जो फोटो वायरल किया जा रहे हैं वह 2021 से पहले के हैं जो जीप वाला फोटो है वह ग्राउंड में खड़ी जीप में बैठकर खिंचवाया है,