सागर- मंगलगिरी के पास इलेक्ट्रॉनिक्स गोदाम में भीषण आग, 5 फायर ब्रिगेड की मशक्कत के बाद पाया काबू
सागर शहर के मंगलगिरी क्षेत्र में रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक इलेक्ट्रॉनिक्स गोदाम में भीषण आग लग गई। यह गोदाम रामपुरा वार्ड निवासी विक्रांत जैन का बताया जा रहा है, जिसमें कूलर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम भरे हुए थे। आग की सूचना मिलते ही तत्काल तीन फायर ब्रिगेड मौके पर रवाना की गईं। आग की तीव्रता और गोदाम में ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण हालात बेकाबू हो गए, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुल पांच फायर ब्रिगेड को पानी डालना पड़ा।
दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर पहुंचे दमकल अधिकारी ने बताया कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती, तो आग आसपास के इलाकों तक फैल सकती थी। गोदाम में रखी सामग्रियों में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। आग की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी। गनीमत यह रही कि गोदाम में उस वक्त कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
गोदाम के मालिक विक्रांत जैन ने बताया कि गोदाम में लाखों रुपये की इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री रखी हुई थी। कूलर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, किचन अप्लायंसेज जैसे कई महंगे उत्पाद जलकर खाक हो गए। उनका कहना है कि गोदाम का बीमा तो है, लेकिन कितना नुकसान हुआ है, इसकी सटीक जानकारी सर्वे के बाद ही मिल पाएगी। मौके पर नगर निगम और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। नगर निगम आयुक्त और फायर ब्रिगेड अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के व्यावसायिक गोदामों में सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि गोदाम में फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं थी। न तो आग बुझाने के उपकरण थे और न ही कोई अलार्म सिस्टम। इस लापरवाही के कारण आग इतनी तेजी से फैली। एक बार फिर सामने आया है कि व्यापारिक संस्थानों में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीरता नहीं बरती जा रही है, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।