फर्जी डॉक्टर की पुलिस रिमांड बढ़ी, अब 17 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर रहेगा आरोपी
मध्य प्रदेश के दमोह में फर्जी हार्ट सर्जन और सर्जरी के दौरान सात लोगों की मौत का आरोपी डॉक्टर डॉ एन जान केम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव अब 17 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर रहेगा। रविवार को डॉ केम की पुलिस रिमांड का आखिरी दिन था और पुलिस ने उसे दमोह जिला न्यायालय में पेश किया था। पुलिस ने जांच पड़ताल के लिए कोर्ट से पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने चार दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी है।
दमोह पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी डॉक्टर के प्रयागराज स्थित घर से फर्जी दस्तावेज बनाने के सामान और मशीनें बरामद की हैं। इनमें डिग्रियां और आईडी कार्ड बनाने वाला प्रिंटर, होलोग्राम और वॉटरमार्क मेकर सहित कई सील शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास कई फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड और अलग-अलग आईडी कार्ड बरामद हुए हैं, जिन्हें तैयार करने के लिए आरोपी ने अपने घर में एक लैब बनाई हुई थी।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। साथ ही आरोपी के पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट के लिए पीएचक्यू से पत्राचार किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2013 में एक फर्जीवाड़े में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसने अपना नाम बदल लिया था। रविवार को आरोपी डॉक्टर को दमोह जिला न्यायालय में पेश किया गया था।
आरोपी की ओर से उसके एडवोकेट ने पुलिस रिमांड पर आपत्ति दर्ज कराई और जमानत याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब आरोपी डॉक्टर को 17 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दमोह पुलिस ने जांच के लिए कानपुर और प्रयागराज टीमें भेजी थीं। कानपुर में टीम ने परिवार और अन्य स्थानों पर जांच कर बयान दर्ज किए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है ¹।