खुरई में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 697 जोड़े बने जीवनसाथी, पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने किया बेटी जानकी अहिरवार का कन्यादान
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत सागर जिले के खुरई के मॉडल स्कूल परिसर में बुधवार को एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 697 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने स्वयं अहिरवार समाज की बेटी जानकी अहिरवार का विधिवत कन्यादान कर समाज में समरसता का संदेश दिया।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम को "सामाजिक समरसता का कुंभ" बताते हुए भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से ही समाज में एकता और भाईचारे की भावना सशक्त होती है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में सभी जाति, धर्म और समुदाय की बेटियों की शादी एक ही पंडाल में एक जैसी व्यवस्थाओं के साथ की जा रही है, जिससे भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का संदेश प्रसारित होता है।
कार्यक्रम के दौरान कई भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले। नवविवाहित जोड़े एक-दूसरे को मिठाई खिलाते, डीजे पर झूमते, सेल्फी लेते और अपने नए जीवन की शुरुआत को यादगार बनाते नजर आए।
भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि खुरई में बीते आठ वर्षों में करीब 5800 बेटियों की शादी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत करवाई जा चुकी है, जो इस योजना की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस योजना की निरंतरता बनाए रखी है, जिससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संबल मिला है।
इस वर्ष के आयोजन में सरकार की ओर से लगभग 3.41 करोड़ रुपये की राशि वर-वधू को सुखमय दांपत्य जीवन के आरंभ हेतु प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि इस विवाह समारोह में 22 मुस्लिम बेटियों के निकाह भी शामिल किए गए, जो सामाजिक समरसता की मिसाल है।
कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा बोले “बेटियां भगवान का रूप होती हैं। जिस घर में बेटी जन्म लेती है, वह घर मंदिर बन जाता है। बेटियों को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन और कन्यादान करना हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है।
“मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सिर्फ विवाह का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का पर्व है। आज की 697 बेटियों के विवाह इस बात के गवाह हैं कि सरकार हर वर्ग के साथ खड़ी है।”