सागर में मिले सफेद पीठ वाले गिद्ध, गर्मी की गणना में बढ़ गई संख्या | sagar tv news |
सागर के रानी दुर्गावती टाईगर रिजर्व में 29 अप्रैल को गिद्धों की एक दिनी ग्रीष्मकालीन गिनती हुई। जिसके परिणाम सुखद आए। इस वर्ष टाईगर रिजर्व, उत्तर, दक्षिण और दमोह वन मंडल में कुल 1168 गिद्ध देखे गए। यह संख्या बीते साल के आंकड़े 748 के मुकाबले बहुत बेहतर है। हालांकि इनमें करीब 100 गिद्ध दमोह वन मंडल के भी हैं। जो इसी वर्ष से सागर रेंज के खाते में जोड़े गए हैं। टाईगर रिजर्व के डिप्टी डॉयरेक्टर डॉ. एए अंसारी के अनुसार यह सभी गिद्ध कुल 333 स्थानों पर बैठे हुए मिले। इनमें लंबी चोंच वाले देसी (इंडियन वल्चर), सफेद पीठ वाले (व्हाइट रम्प्ड वल्चर), सफेद रंग वाले (इजीप्शियन) और राजगिद्ध (किंग वल्चर शामिल है
टाईगर रिजर्व समेत अन्य वन्य क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा गिद्धों की संख्या जैव पर्यावरणीय जगत में स्वच्छता के लिए आवश्यक है। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अंसारी ने बताया कि गिद्ध, वन्यप्राणी जगत समेत मानव आबादी में अपमार्जक के रूप में पहचाने जाते हैं। इनकी संख्या बढ़ने से हवा व पानी के माध्यम से फैलने वाली बीमारियों पर रोक लगती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में गिद्धों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण ये है कि हमारे यहां उन्हें सुरक्षित आवास मिल रहे हैं।
उत्खनन, आगजनी जैसी घटनाओं से गिद्धों का जीवन खतरे में पड़ता है। वहीं मानवीय प्रयासों के रूप में पशुओं की चार दर्द निवारक दवाओं को प्रतिबंधित किया गया है। जिसके चलते अब मृत मवेशियों के मांस-हड्डी का गिद्धों द्वारा भक्षण करने पर उन्हें नुकसान नहीं पहुंचता है। पूर्व के वर्षों में गिद्धों की आबादी कम होने का यही दवाएं सबसे बड़ा कारण थीं।