एक किसान से खसरे में पेड़ दर्ज कराने के लिए बाबू ने मांगी 3 हजार रिश्वत की लोकायुक्त ने पकड़ा
एमपी के शहडोल के जयसिंहनगर में लोकायुक्त ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय में एक बाबू को 3 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। बाबू योगेंद्र द्विवेदी ने एक किसान से खसरे में पेड़ दर्ज कराने के लिए रिश्वत मांगी थी। सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने 19 मार्च को ग्राम पटेरिया टोला में अपनी 60 डिसमिल भूमि में महुआ और यूकेलिप्टस के पेड़ों को खसरे में दर्ज कराने का आवेदन किया था। इस काम के लिए बाबू योगेंद्र द्विवेदी ने 4500 रुपए की रिश्वत मांगी। पीड़ित ने इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा कार्यालय में दर्ज कराई।
लोकायुक्त रीवा के पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा ने मामले की जांच शुरू की। इससे पहले वह 1500 रुपए ले चुका था। इसके बाद 12 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम ने पीड़ित को रंग लगे नोट दिए। जब शुक्रवार को पीड़ित तहसील पहुंचा और बाबू ने रिश्वत ली, तभी टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी बाबू योगेंद्र द्विवेदी ने 3000 रुपए की रिश्वत मांगने की बात स्वीकार की। इस कार्रवाई में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए ऐसी कार्रवाई जरूरी है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। शहडोल में बाबू रिश्वत लेते पकड़ाया गया है। लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए जरूरी है। आगे की कार्रवाई जारी है।