दमोह टीचर मामले में आया सनसनीखेज मोड़, RTI एक्टिविस्ट गिरफ्तार कर पुलिस का पर्दाफाश ! जो सच सामने आया उसने सबको चौका दिया
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में पिछले दिनों हुई सरकारी टीचर की दर्दनाक मौत के मामले ने अब चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। एक तरफ़ जहाँ टीचर राजेश त्रिपाठी को ज़िंदा जलाकर मारने और 4 लाख की लूट की वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया था, वहीं अब इस हत्याकांड में आरटीआई एक्टिविस्ट जीतेंद्र भट्ट का नाम सामने आने से हलचल मच गई है।दमोह पुलिस ने जीतेंद्र भट्ट को इटारसी से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि जीतेंद्र भट्ट लंबे समय से दमोह में फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए नियुक्त शिक्षकों को ब्लैकमेल कर रहा था। वह कई मामलों को हाईकोर्ट तक ले गया था और दबाव में आकर कई शिक्षकों ने अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया था।
पुलिस के मुताबिक, जीतेन्द्र भट्ट मृतक शिक्षक राजेश त्रिपाठी पर भी लंबे समय से दबाव बना रहा था। हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ब्लैकमेलिंग किस आधार पर की जा रही थी लेकिन शिक्षक दबाब में थे और उनपर कर्ज भी था।
वही 15 मई की रात हुई घटना में जहाँ शुरआत में पुलिस के सामने ये कहानी आयी की राजेश त्रिपाठी गोवेर्मेंट प्राइमरी स्कूल, रूसंदो से लौट रहे थे। तब रास्ते में अज्ञात लोगों ने उन्हें रोका, 4 लाख रुपए की लूटपाट की और फिर पेट्रोल डालकर ज़िंदा जला दिया। लेकिन अब पुलिस की जांच में नया मोड़ आ गया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना के कारण आत्महत्या का मामला मान रही है। अब जांच इस दिशा में भी जा रही है।