विस्थापन और हैवी ब्लास्टिंग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने मचाया हंगामा
एमपी के सिंगरौली जिले के मोरवा क्षेत्र में एनसीएल की कोल माइंस में बड़ा बवाल खड़ा हो गया। विस्थापन और हैवी ब्लास्टिंग के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने खदान में घुसकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन इतना उग्र था कि कोल माइंस में चल रही तमाम मशीनों को बंद करवा दिया गया और पूरा कामकाज ठप हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि एनसीएल विस्थापन नीति को लेकर न तो कोई स्पष्ट दिशा निर्देश दे रहा है और न ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा या पुनर्वास उपलब्ध करा रहा है।
इसके अलावा रोज़ाना होने वाली हेवी ब्लास्टिंग से गांवों में कंपन और मकानों में दरारें पड़ रही हैं। कई बार एनसीएल प्रबंधन को आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर ग्रामीणों ने आज खदान में प्रवेश कर काम रुकवा दिया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने साफ कहा कि बिना समुचित मुआवज़े और पुनर्वास के वे अपना घर नहीं छोड़ेंगे। वे अपनी जमीन, आजीविका और सम्मान बचाने के लिए संघर्ष को तैयार हैं।
घंटों तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति भी बनी रही। एनसीएल प्रबंधन द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त किया। यह घटना एक बार फिर खदान क्षेत्रों में विस्थापन और पर्यावरणीय खतरों को लेकर उठते जनसरोकारों की गूंज बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज़ होगा।