Sagar-हजरत बेरी वाले बाबा के उर्स की हुई शुरुआत, 14–15 जून को होगा शानदार कब्बालियों का मुकाबला
सागर शहर की गंगा-जमुनी तहज़ीब और कौमी एकता के प्रतीक हजरत बेरी वाले बाबा का वार्षिक उर्स समारोह 13 जून को परंपरागत श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रारंभ हुआ। उर्स की शुरुआत बाबा की दरगाह पर संदली चादर चढ़ाकर की गई। इस धार्मिक आयोजन में हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बाबा की मजार पर चादरें चढ़ाकर अमन-चैन की दुआ मांगी। उर्स के अवसर पर शहर में विशेष उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है। बाबा की दरगाह पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही, जहाँ उन्होंने मन्नतें मांगी और दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।
इस अवसर पर उर्स कमेटी के अध्यक्ष श्री हरिओम केसरवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य आकर्षण 14 और 15 जून को होने वाला कब्बालियों का मुकाबला रहेगा, जो शनिवार और रविवार की रात को कजलीवन मैदान, सदर में आयोजित किया जाएगा। यह मुकाबला न सिर्फ संगीत प्रेमियों के लिए बल्कि सभी धर्मों के लिए आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बन चुका है। कब्बाली कार्यक्रम में देश के नामी कलाकार शिरकत करेंगे।
लखनऊ से मशहूर कब्बाल कमर वारसी और राजस्थान से शब्बीर सिद्दीकत अली साबरी अपने-अपने कब्बाल समूहों के साथ शानदार प्रस्तुतियाँ देंगे। इन कलाकारों की आवाज़ और सूफियाना कलामों से पूरा कजलीवन मैदान गूंज उठेगा।हरिओम केसरवानी जी ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से उर्स कमेटी के अध्यक्ष के रूप में इस आयोजन से जुड़े हैं और उनकी यह कोशिश रहती है कि हर साल कार्यक्रम को पहले से अधिक भव्यता और सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाए। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से इस आयोजन में शामिल होकर आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
इस उर्स का उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह आयोजन वर्षों से कौमी एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मेलजोल का उदाहरण बन चुका है। यही कारण है कि इसमें हर जाति-धर्म के लोग शिरकत करते हैं और बाबा की मजार पर आकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। उर्स कमेटी द्वारा सुरक्षा, सफाई, प्रकाश और पानी की उचित व्यवस्था की गई है। प्रशासन और पुलिस का भी सहयोग प्राप्त है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। इस वर्ष भी हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है। आने वाले दोनों दिन सागर शहर सूफियाना रंग में रंगा रहेगा।