MP | कनाडा की कंपनी से 53 लाख की अंतरराष्ट्रीय ठगी, जबलपुर की फर्म पर गंभीर आरोप
जबलपुर मध्य प्रदेश की न्यायिक राजधानी में अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कनाडा की क्रिस्टल माईन्ड नामक कंपनी ने जबलपुर की एम. जी. वेल्स सॉल्यूशन और उसके दो अधिकारियों—रविन्द्र सिंह बावा और ई. डी. मूर्ति—पर 53 लाख से अधिक की ठगी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में परिवाद दायर किया है।
क्रिस्टल माईन्ड के मालिक मुराद फाहिम ने भारत में व्यापार विस्तार के लिए जबलपुर की एम. जी. वेल्स कंपनी से तेल क्षेत्रों में उपयोगी स्पेयर पार्ट्स की डील की थी। कुल 90,000 अमेरिकी डॉलर (करीब ₹75 लाख) की डील में उन्होंने पहले 45,000 डॉलर (₹37.57 लाख) और फिर 18,500 डॉलर (₹15.45 लाख) की दो किस्तें भेजीं। लेकिन न तो कोई सामान मिला, न ही पैसा वापस।
जिला न्यायालय ने इस पर गंभीर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जज देवरथ सिंह ने यह माना कि यह केवल व्यावसायिक विवाद नहीं, बल्कि धोखाधड़ी, विश्वासघात और जालसाजी का गंभीर मामला है। डायरेक्टर रविन्द्र बावा के खिलाफ IPC की धारा 420, 418 और 409 तथा ई. डी. मूर्ति के खिलाफ धारा 467, 468, 469, 472, 475 के तहत संज्ञान लिया गया है।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी की बजाय समन के माध्यम से 30 जुलाई 2025 को पेश होने का आदेश दिया है। समन की प्रक्रिया मुराद फाहिम द्वारा निर्धारित समय में शुल्क व दस्तावेज जमा करने पर शुरू होगी। यह मामला केवल एक निवेशक के साथ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साख पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि जबलपुर कोर्ट द्वारा मामले को गंभीरता से लेना यह संदेश देता है कि भारत का न्याय तंत्र ईमानदार व्यापार को संरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है।