तहसीलदार और डॉक्टरों में तीखी बहस, ओपीडी सेवाएं ठप, जांच की मांग पर अड़े डॉक्टर | sagar tv news |
एमपी के शाजापुर जिला अस्पताल में तहसीलदार सुनील पाटिल और डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। विवाद की वजह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई थी, जो शनिवार सुबह जिला अस्पताल परिसर में स्थित हनुमान मंदिर के पास की जा रही थी। तहसीलदार और डॉक्टर्स के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं। डॉक्टरों का आरोप है कि तहसीलदार ने बदसलूकी की और अपशब्द कहे। डॉ. गोविंद पाटीदार ने बताया कि वे सिविल सर्जन को फोन पर जानकारी दे रहे थे, तभी तहसीलदार ने मोबाइल छीनने की कोशिश की। डॉक्टरों ने एसडीएम मनीषा वास्कले को ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार पर एफआईआर की मांग की।
विरोध के चलते जिला अस्पताल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने थाने के बाहर धरना दिया और कानूनी कार्रवाई की मांग की। बाद में एसडीओपी गोपाल सिंह चौहान ने डॉक्टरों से चर्चा की और उन्हें समझाने की कोशिश की। इधर, पटवारी संघ ने तहसील परिसर में धरना दिया और डॉक्टरों के आरोपों को गलत बताया। संघ ने तहसीलदार के पक्ष में प्रदर्शन किया और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहसीलदार सुनील पाटिल ने सभी आरोपों को नकारा और कहा कि यह विवाद का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि वे एसडीएम के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने गए थे और कुछ स्वार्थी तत्वों ने विवाद पैदा किया।
इस मामले में तहसीलदार ने सभी आरोपों को नकारा बोले यह विवाद का मामला नहीं है। हम एसडीएम के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने गए थे। सिविल सर्जन को फोन किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। बाद में कुछ लोग जींस-टीशर्ट में आए और वीडियो बनाते हुए कार्रवाई में बाधा डालने लगे। वहां गांजे जैसे कुछ पौधे भी लगे हुए दिखे जिन्हें हटाया गया। यह पूरा विवाद कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा पैदा किया गया है। डॉक्टरों को काम बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्होंने मरीजों की सेवा का संकल्प लिया है।