10 दिन पहले बनाया महिला को शिकार, अब ब्यारमा नदी से वन विभाग ने पकड़ा 12 फिट लंबा मगरमच्छ
11 जुलाई को दमोह की ब्यारमा नदी के कनिया घाट पर मगरमच्छ के हमले से महिला की जान चली गई थी। घटना के बाद वन विभाग अलर्ट मोड़ पर था।मगरमच्छ को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए थे। जिसके बाद हटरी बड़ेघाट में 12 फीट का मगरमच्छ पिंजरे में कैद हो गया है।
दरअसल, 10 दिन पहले कनिया घाट पर मगरमच्छ ने एक महिला पर हमला कर दिया था। जिससे महिला की जान चली गई थी। जिसके बाद मगरमच्छ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने नदी के आसपास के घाटों पर कई जगह पिंजरे लगाए थे। जिनमे मछली का मांस रखकर लगातार मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की जा रही थी।
वन विभाग की लगातार मेहनत का नतीजा सामने आया है। ब्यारमा नदी के हटरी बड़ेघाट में लगाए गए पिंजरे में 12 फीट लम्बा मगरमच्छ कैद हो गया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पिंजरे में मछली खाने के लिए घुसते हुए देखा और बांस की मदद से पिंजरे का गेट बंद कर दिया। जिससे मगरमच्छ बाहर नहीं निकल पाया। लोगों ने वन विभाग की टीम को जानकारी दी जिसपर टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया।
बता दे कि, एक साल पहले भी कनिया घाट पटी में मगरमच्छ एक बच्चे को नदी में खींचकर ले गया था। घटना के बाद वन विभाग ने पिंजरे रखे थे, लेकिन 1 साल से मगरमच्छ चकमा देते हुए पिंजरे में कैद नहीं हो रहा था। अब जाकर वन विभाग को सफलता हाथ लगी है। मगरमच्छ को पकड़कर भोपाल भेजा गया जहां से उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
मगरमच्छ पकडे जाने के बाद DFO ईश्वर जरांडे ने कहा कि, यह निश्चित नहीं है की पकड़ा गया मगरमच्छ वही है जिसने महिला पर हमला किया था। ब्यारमा नदी और उसकी सहायक नदियां और उसमे मिलने वाले नालों में और भी मगरमच्छ हो सकते हैं। इसलिए ग्रामीण घाट के पास न जाये और सावधान रहे। मनीष साहू सागर टीवी न्यूज़ दमोह.