सागर में 500 एकड़ जमीन का रहस्यमय सौदा: प्रशासन सतर्क, रजिस्ट्रियों पर रोक,
मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तहसील के पांच गांव—चकलबी, लेखी, ईदलपुर, खेरी, सेमरा और झीरिया—की लगभग 469 एकड़ जमीन के सौदे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखबार में छपे एक फुल पेज विज्ञापन के जरिए दावा किया गया कि यह जमीनें एक अज्ञात खरीदार द्वारा खरीदी जा चुकी हैं और संबंधित किसानों को एडवांस भुगतान कर दिया गया है। विज्ञापन भोपाल के वकील मनीष रावतिया के माध्यम से 24 जुलाई के एक राष्ट्रीय अखबर में प्रकाशित हुआ, जिसमें किसानों के नाम, खसरा नंबर और जमीन की जानकारी भी दी गई।
विज्ञापन सामने आने के बाद जब पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिन किसानों के नाम विज्ञापन में दर्ज हैं, उनका कहना है कि उन्होंने कोई सौदा नहीं किया, न ही किसी को एडवांस लिया है। कई किसानों का कहना है कि उनके नाम से फर्जी आधार कार्ड, फर्जी एग्रीमेंट तक तैयार कर लिए गए हैं।
एसडीएम गगन विश्नोई ने खुद गांवों में दो दिन तक कैंप किया लेकिन किसी भी किसान ने जमीन बेचने की बात स्वीकार नहीं की। न तो रजिस्ट्री के दस्तावेज मिले, न ही कोई खरीदार सामने आया। प्रशासन हैरान है कि ऐसी स्थिति में विज्ञापन कैसे छप गया और किसने इतने बड़े सौदे का दावा कर दिया।
जानकारी के मुताबिक जब वकील मनीष रावतिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने अपने क्लाइंट का नाम नहीं बताया । उधर प्रशासन के मुताबिक, विज्ञापन में जिन जमीनों का उल्लेख किया गया है, उनमें से लगभग 20 एकड़ जमीन सरकारी पट्टे की है, बाकी निजी किसानों की भूमि है। वही अब सागर कलेक्टर संदीप जी.आर.ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि जिला पंजीयक को केसली क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाने कहा है। अब बिना कलेक्टर की अनुमति के कोई भी जमीन रजिस्ट्री नहीं होगी।
वही इसी बीच देवरी के पूर्व कांग्रेस विधायक का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा मामला बहुत गंभीर है इस मामले में जांच होना चाहिए और जो दलाल है उनपर कारवाही होना चाहिए।
इसी बीच करीब 6 महीने पुराना एक ऑडियो भी वायरल हुआ है जो भूमि संपदा नाम के एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड है। इस में केसली एमपी सागर में 300 acre महासस्ती जमीन। ₹3 lakh/acre। जितना चाहें,खरीदें। हैडिंग के साथ ये ऑडियो डाला गया है। इसके कुछ अंश सुनिए
अब सवाल उठता हैं:आखिर यह सौदा किसने किया और किस आधार पर? साथ ही वो कौन दलाल है जो इस इलाके की सैड़कों एकड़ जमीन बिकवाने में भूमिका निभा रहे है और आखिर क्यों इतनी बड़ी तादाद में अज्ञात खरीदार ये जमीन रहस्मय ढंग से खरीद रहे है। इस पूरे मामले ने प्रशासन, किसानों और आम जनता को हिला कर रख दिया है। इतनी बड़ी मात्रा में जमीन के सौदे का दावा करना और उसका कोई खरीदार, दस्तावेज या लेनदेन सामने न आना, प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन चुका है।प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, केसली क्षेत्र की जमीन रजिस्ट्रियों पर रोक जारी रहेगी।