खाद के लिए त्राहि-त्राहि, चिलचिलाती धूप में कतारों में खड़े किसान, दावों की पोल – किसानों की पुकार
जिले में एक बार फिर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा फर्क साफ दिखाई दिया। जहां प्रशासन किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिला रहा है, वहीं हकीकत यह है कि चिलचिलाती धूप में किसान घंटों नहीं बल्कि दिनों तक कतारों में खड़े होकर भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। एमपी के सिंगरौली जिले में सुबह से भूखे-प्यासे किसान अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कतार इतनी लंबी थी कि कई लोग दो-दो दिन से लाइन में लगे रहे, लेकिन खाद लेने की बारी तक नहीं आई। किसानों का कहना है कि जब फसल की तैयारी का यह सबसे अहम समय है, तभी खाद की किल्लत ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कलेक्टर का दावा है कि जिले में पर्याप्त खाद का भंडार है, लेकिन सिंगरौली की तस्वीरें इन दावों की पोल खोल रही हैं। किसानों का आरोप है कि वे सुबह से लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन देर शाम तक थक-हारकर लौटना पड़ता है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके पर एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। बावजूद इसके अव्यवस्था और अफरातफरी पर काबू नहीं पाया जा सका।
किसान सवाल उठा रहे हैं कि जब अधिकारी खुद वहां खड़े होकर स्थिति नहीं संभाल पा रहे, तो उनके भरोसे का क्या मतलब? किसानों का कहना है – अगर समय पर खाद नहीं मिली तो फसल खराब हो जाएगी। सरकार दावा करती है कि पर्याप्त खाद उपलब्ध है, लेकिन असलियत कुछ और है। हम लोग कई किलोमीटर दूर से पैदल और ट्रैक्टर पर आकर यहां लाइन में खड़े हैं, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं है। डिप्टी डायरेक्टर सहकारिता विभाग प्रकाश मिश्रा ने बताया कि जल्द ही स्थिति सामान्य की जाएगी और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाएगा।