Sagar- त्यौहारों पर प्रशासन की गाइडलाइन जारी, मूर्ति विसर्जन पर नई व्यवस्था तय, शांति-भाईचारे की अपील
सागर में आगामी धार्मिक त्यौहारों को देखते हुए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला शांति एवं सद्भावना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सभी धार्मिक संगठनों से अपील की कि त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया जाए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि लाखा बंजारा झील में मूर्तियों का विसर्जन नहीं होगा। नगर निगम मूर्तियों को चकरा घाट पर एकत्र करेगा और वहां से उन्हें पूरी पूजा-अर्चना के साथ चितौरा नदी में विसर्जित किया जाएगा।
समिति ने आयोजकों से केवल मिट्टी की मूर्तियां स्थापित करने और मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील की। अपर कलेक्टर अविनाश रावत ने कहा कि आयोजनों में प्लास्टिक सामग्री से परहेज करें और ईको-फ्रेंडली सामग्री जैसे दोना-पत्तल का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान बिजली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं प्रशासन की ओर से की जाएंगी। साथ ही विसर्जन स्थलों पर गोताखोर, नाव, हाइड्रोलिक मशीन और सुरक्षा संसाधन भी तैनात रहेंगे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा ने कहा कि शोभायात्राओं और धार्मिक आयोजनों में कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। सभी संगठन अपने पदाधिकारियों और वालेंटियर्स की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं। चल समारोह की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य होगी। उन्होंने यह भी कहा कि झांकियां अधिक ऊँचाई की न बनाई जाएं और बिजली के तारों से पर्याप्त दूरी रखी जाए।
अधिकारियों ने भरोसा जताया कि सागर जिले की परंपरा के अनुसार सभी त्यौहार इस बार भी शांति, गरिमा और भाईचारे के साथ मनाए जाएंगे। बैठक में नगर निगम उपायुक्त एस.एस. बघेल, संयुक्त कलेक्टर आरती यादव, एसडीएम अदिति यादव, सीएसपी ललित कश्यप सहित शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।