सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, नवदुर्गा उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर संकट
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के पथरिया जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत किन्द्रहो में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस जमीन पर दशकों से धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते आए हैं, लेकिन अब अवैध कब्जे के चलते उनकी परंपरा खतरे में पड़ गई है। ग्राम सरपंच उमाबाई हीरासिंह राव साब और सैकड़ों ग्रामीणों ने पथरिया तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाजार नामक स्थान पर करीब 50 वर्षों से कैलाश कला मंडली द्वारा गणेश उत्सव, नवदुर्गा उत्सव और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। करीब 20 साल पहले ग्रामीणों ने यहां एक चबूतरा भी बनवाया था, जो धार्मिक आयोजनों का मुख्य केंद्र रहा है। लेकिन इस वर्ष एक व्यक्ति ने इस शासकीय भूमि को अपनी बताकर कब्जा करना शुरू कर दिया है। इससे आगामी नवदुर्गा उत्सव सहित कई आयोजनों पर संकट गहराने लगा है।
ग्राम सरपंच ने अधिकारियों से जल्द आरआई और पटवारी भेजकर सीमांकन कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी सांस्कृतिक परंपरा बाधित हो जाएगी। प्रशासन से अपील की जा रही है कि नवदुर्गा उत्सव से पहले उचित कदम उठाए जाएं, ताकि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम बिना किसी विवाद के सम्पन्न हो सकें। गांव की आस्था और संस्कृति से जुड़ा यह विवाद अब प्रशासन की दहलीज पर पहुंच गया है। देखना होगा कि क्या अधिकारी समय रहते कार्रवाई करते हैं या फिर इस बार दशकों पुरानी परंपरा अटक जाएगी।