Sagar- जनसुनवाई योजना पर दिग्विजय सिंह का वार, CM मोहन यादव को लिखा पत्र
मध्यप्रदेश में जनसुनवाई योजना पर बड़ा सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। दिग्विजय सिंह ने सागर जिले की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि यह योजना अब जनता की समस्याओं के समाधान की बजाय “मजाक” बनकर रह गई है।
दरअसल, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने हाल ही में सागर जिले में जनसुनवाई के दौरान सामने आई घटनाओं की जानकारी दिग्विजय सिंह को दी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित विस्तृत पत्र लिखा और योजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
अपने पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा कि गरीब और वंचित लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए बनाई गई जनसुनवाई योजना अब संवेदनहीनता की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रचार-प्रसार पर जनता का पैसा खर्च किया, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारी शिकायतों के प्रति बिल्कुल गंभीर नहीं हैं।
सागर जिले की 9 सितंबर 2025 की जनसुनवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि खजरा गांव के दिव्यांग अर्जुन सिंह लोधी को प्रमाणपत्र न मिलने पर सड़क पर लेटना पड़ा। वहीं बरोदिया कला के सुरेश कुशवाह को अपनी समस्या हल करवाने के लिए अधिकारियों को फूलमाला चढ़ानी पड़ी। इसी तरह सुआतला गांव के किसान हेमराज पटेल अपनी फसल के मुआवजे के लिए फूट-फूटकर रोए, फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में यह भी याद दिलाया कि पिछले आठ महीनों में कई लोगों यह बड़े बड़े कदम उठाने का प्रयास करना पड़ा—चाहे जमीन पर कब्जा हटाने का मामला हो या सुनवाई न होने की निराशा। इन घटनाओं को उन्होंने प्रशासनिक संवेदनहीनता और जवाबदेही की कमी का परिणाम बताया।
दिग्विजय सिंह ने सीएम से साफ कहा है कि या तो इस योजना को बंद किया जाए, या फिर अधिकारियों को कड़े निर्देश देकर इसे सार्थक बनाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की आवाज़ को अनसुना करना सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है।