पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में चली गोली, साथी पर चली सर्विस रायफल, बाल-बाल बची जान
एक चौंकाने वाली खबर—पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में गोलीकांड की घटना से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। ड्यूटी पर तैनात एक आरक्षक ने शराब के नशे में अपने ही साथी पर गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली निशाने पर नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित की शिकायत पर आरोपी आरक्षक के खिलाफ मर्डर के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना बीती देर रात एमपी के उमरिया पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में हुई। यहां पदस्थ आरक्षक कमल सिंह मराबी ड्यूटी पर शराब के नशे में पहुंचा।
इस दौरान उसका साथी आरक्षक छोटेलाल से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने अपनी सर्विस रायफल से गोली चला दी। गोली छोटे लाल को नहीं लगी, लेकिन मौके पर अफरातफरी मच गई। पीड़ित छोटे लाल ने तत्काल मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को दी। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी कमल सिंह मराबी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
घटना की खबर लगते ही न केवल प्रशिक्षण विद्यालय, बल्कि पूरे जिला मुख्यालय में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी घटना के समय नशे में था और उसने ड्यूटी के दौरान सरकारी हथियार का दुरुपयोग किया। पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय के एसपी मुकेश वैश्य ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह घटना न केवल पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी हथियारों के गलत इस्तेमाल की गंभीर चेतावनी भी है। अब पूरे प्रशिक्षण विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन की नए सिरे से समीक्षा किए जाने की तैयारी है। उमरिया पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय की यह घटना एक बड़ा सबक है—अनुशासन और जिम्मेदारी में जरा-सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।