बकरी चराने गई दो सगी बहनों की नदी में डूबने से मौत, गांव में मातम, पुलिस ने मामले की जांच की शुरू
एमपी के छतरपुर जिले से एक हृदयविदारक हादसे की खबर सामने आई है। नौगांव थाना क्षेत्र के शिकारपुरा गांव में बकरी चराने गईं दो सगी बहनों की नदी में डूबने से जान चली गई। इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। जानकारी के मुताबिक, शिकारपुरा गांव निवासी प्रमोद रैकवार की 15 वर्षीय बेटी आकांक्षा, जो 9वीं क्लास की छात्रा थी, और उसकी 10 वर्षीय छोटी बहन आस्था, जो 4वीं क्लास में पढ़ती थी, सोमवार को घर से बकरियां चराने निकली थीं।
शाम करीब चार बजे दोनों बहनें गांव किनारे बह रही सिल्प नदी के पास खेल रही थीं। खेल-खेल में आस्था का पैर फिसला और वह नदी में जा गिरी। छोटी बहन को डूबता देख बड़ी बहन आकांक्षा ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। लेकिन तेज पानी के बहाव और गहराई की वजह से दोनों बहनों की डूबकर जान चली गई।
घटना के समय वहां मौजूद कुछ बच्चों ने यह नजारा देखा और तुरंत गांव जाकर परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में दोनों बच्चियों को नदी से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
अस्पताल पहुंचे पिता प्रमोद रैकवार का रो-रोकर बुरा हाल था। अपनी दोनों मासूम बेटियों का शव देखकर वे बेसुध हो गए। वहीं पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। खेलते-खेलते जिंदगी की जंग हार गईं ये दो मासूम बहनें अब हमेशा के लिए अपने परिवार को रोता-बिलखता छोड़ गईं। यह हादसा न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा सदमा है।