Sagar- मां ज्वाला देवी मंदिर तक भव्य चुनरी पालकी यात्रा, 500 मीटर चुनरी बनी आकर्षण का केंद्र
शारदीय नवरात्रि का पर्व पूरे उल्लास और भक्ति भाव के साथ शुरू हो गया है। सुबह से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। लोग मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। इसी कड़ी में खुरई से नवरात्रि के पहले दिन चुनरी पालकी यात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मां ज्वाला देवी मंदिर के लिए रवाना हुई। सागर जिले के खुरई के पुराने हनुमान मंदिर से आज सुबह भक्तों ने जयकारों के साथ चुनरी पालकी यात्रा की शुरुआत की।
यह यात्रा परसा चौक, झंडा चौक, पठार, शिवाजी चौक और सागर नाका से होते हुए जलंधर गांव स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर की ओर बढ़ी। आयोजक पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि यह परंपरा पिछले 14 वर्षों से जारी है। हर साल नवरात्रि के पहले दिन यह यात्रा निकाली जाती है, जिसमें भक्त करीब 33 किलोमीटर पैदल चलकर जलंधर गांव के पहाड़ पर विराजमान मां ज्वाला देवी मंदिर पहुंचते हैं।
इस बार की यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण रही 500 मीटर लंबी चुनरी, जिसे भक्तजन कंधों पर उठाकर जय माता दी के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे थे। यात्रा में भजन मंडलियों ने भक्तिमय गीत गाकर माहौल को और भी पावन बना दिया। वहीं, दूसरी ओर मंडली के कलाकार भजनों पर झूमते और थिरकते नजर आए। पालकी और चुनरी यात्रा का जगह-जगह पर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। रास्ते भर पुष्प वर्षा और प्रसाद वितरण से भक्तों का उत्साह दोगुना हो गया।
यात्रा के समापन के बाद मां ज्वाला देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया गया। नवरात्रि के पहले ही दिन निकली इस चुनरी पालकी यात्रा ने खुरई और आसपास के क्षेत्रों को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का यह अनोखा संगम नवरात्र के नौ दिनों तक इसी तरह भक्तों को माता रानी की आराधना में डूबोए रखेगा।