तेज बारिश में करोड़ों का कपास भीगा, किसानों और जिनिंग संचालकों की खुशियों को किया चौपट
एमपी के खरगोन जिले में अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों और जिनिंग संचालकों के लिए आफत खड़ी कर दी है। शहर सहित जिले में मौसम में आया यह बदलाव राहत के बजाय मुसीबत बन गया है। किसानों के अनुसार लगातार रुक-रुककर होने वाली बारिश से खेतों में खड़ी फसल गलने लगी है, खासकर कपास की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिनिंग संचालकों की परेशानी भी कम नहीं है। कसरावद रोड पर शनिवार को हुई तुफानी बारिश के कारण जिनिंग परिसर में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज बहाव के साथ जिनिंग में रखा सैंकड़ों क्विंटल कपास तिनके की तरह बहता हुआ दिखाई दे रहा है।
कसरावद रोड पर संचालित केके फायबर्स, टेमला रोड और जुलवानिया रोड की जिनिंग फैक्ट्रियों में भी तेज बारिश से करोड़ों रुपए का कपास भीगकर खराब होने की खबरें सामने आई हैं। केके फायबर्स के संचालक प्रीतेश अग्रवाल ने बताया कि रविवार दोपहर अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और महज आधे घंटे में जिनिंग परिसर पानी-पानी हो गया।वर्तमान में कपास मंडी में बंपर आवक के चलते जिनिंगों में भारी मात्रा में कपास का भंडारण किया गया था। श्री अग्रवाल ने बताया कि नमी वाले कपास को गोडाउन के बजाय जिनिंग परिसर में सूखने के लिए रखा गया था, लेकिन तेज बारिश में तिरपाल भी बचाव में काम नहीं आया। उनके अनुसार, करीब 700 क्विंटल कपास बारिश से गीला हो गया और लगभग 2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
कपास में अधिक नमी होने पर उसे सुखाया नहीं जा सकता, जिससे उसकी गुणवत्ता और चमक खत्म हो जाती है। वहीं किसानों की स्थिति भी दयनीय है। मंडी में खरीदी बंद होने और मजदूरों की कमी के कारण तैयार कपास खेतों में ही खड़ी है। बारिश के चलते कपास पौधों से टूटकर गिर रहा है और पानी में भीगकर काला पड़ रहा है, जिससे किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाएंगे।