सागर की डॉक्टर ने दुनिया को चौंकाया ! केपटाउन में पेश किया जीवनरक्षक "गिडियन सूटर"
सागर की धरती से निकलकर दुनिया के मंच पर भारत की एक महिला डॉक्टर ने ऐसा काम कर दिखाया है, जिस पर हर भारतीय को गर्व हो। स्वास्थ्य विभाग की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीना गिडियन ने अपने अनोखे अविष्कार से वैश्विक चिकित्सा जगत का ध्यान खींच लिया है। दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित एफआईजीओ विश्व कांग्रेस में डॉ. नीना गिडियन ने अपने आविष्कार ईजी गिडियन सूचर को प्रस्तुत किया।
ये मंच दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों का सम्मेलन माना जाता है। अपनी प्रस्तुति के दौरान उन्होंने बताया कि यह सूचर खासतौर पर उन गर्भवती महिलाओं की मदद करता है, जिनका सीजर हाई रिस्क होता है और ब्लीडिंग के गंभीर आसार रहते हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ज्यादा वज़न वाले शिशु, पॉली हाइड्रामनियस या मल्टी ग्रेविडा जैसी स्थितियों में यह आविष्कार जीवनरक्षक सिद्ध हो सकता है।
इस सूचर के उपयोग से न केवल ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग को तुरंत नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि मातृ और शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। यह तकनीक सरल, किफायती और आसानी से अपनाई जा सकने वाली बताई गई। नाइजीरिया, पाकिस्तान, युगांडा, आर्मेनिया और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के विशेषज्ञों ने इस आविष्कार में खास रुचि दिखाई है। छोटे शहर सागर से निकलकर वैश्विक मंच पर यह नवाचार पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। डॉक्टर गिडियन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का धन्यवाद जताया, जिन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति के लिए उन्हें स्वीकृति प्रदान की।
इस सफलता पर आईएमए के सदस्यों और प्रदेश के स्त्री रोग विशेषज्ञों ने उन्हें बधाइयां दी हैं। डॉक्टर नीना गिडियन ने बताया कि यह सिर्फ मेरा नहीं, सागर और मध्यप्रदेश की चिकित्सा दुनिया का सम्मान है। दक्षिण अफ्रीका से आई यह खुशखबरी सिर्फ सागर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। एक सूझबूझ भरे अविष्कार से भारत ने एक बार फिर दुनिया को बताया है—प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती।