सागर- मंत्री राजपूत सपरिवार बाज़ार पहुँचे, मिट्टी के दीयों से दीवाली मनाने की अपील ,त्योहार में लोकल का दम
दीपावली पर इस बार सागर में कुछ अलग नज़ारा देखने को मिला। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपनी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सविता सिंह के साथ कटरा बाज़ार पहुंचे और खुद स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी की। मंत्री राजपूत ने मिट्टी के दीये, पूजा सामग्री और हस्तनिर्मित सामान लेकर न सिर्फ लोगों को संदेश दिया बल्कि “लोकल फॉर वोकल” को जमीन पर उतारकर एक मिसाल पेश की। बाज़ार में पहुंचते ही मंत्री दंपति का स्वागत स्थानीय व्यापारियों ने किया।
दुकानदारों से बातचीत करते हुए उन्होंने शहरवासियों से अपील की—“अपना त्योहार अपनों के हाथों बनी वस्तुओं से ही मनाएं, ताकि हर कारीगर और व्यापारी के घर भी रोशनी पहुंचे।” मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल और ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को ताकत देना आज की जरूरत है। त्योहारी सीजन में स्थानीय खरीद से छोटे व्यापारी, हस्तशिल्पी, कुम्हार और स्व-रोजगार से जुड़े परिवारों को सीधा सहारा मिलता है।
उन्होंने बाजार में घूमकर मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित वस्त्र, स्वदेशी खाद्य पदार्थ और पारंपरिक पूजा सामग्री खरीदी और लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। राजपूत ने कहा, “जब आप लोकल खरीदते हैं तो एक कारीगर के घर पर दीवाली होती है, एक परिवार की खुशियाँ बढ़ती हैं और हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।” मंत्री ने लोकल खरीद के फायदे भी गिनाए— छोटे व्यापारियों को सीधी आमदनी, स्थानीय लोगों को रोजगार, पारंपरिक कला का संरक्षण, ईंधन और परिवहन खर्च में कमी, स्वदेशी सामान की गुणवत्ता में वृद्धि, आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास।
उन्होंने कहा कि जितना हम अपने स्थानीय उत्पादों को अपनाएंगे, उतना ही भारत मजबूत होगा। विदेशी सामान छोड़कर स्वदेशी का सहारा लेने से देश का पैसा देश में ही रहेगा और हर घर में त्योहार की रौनक बढ़ेगी। दीपावली को सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि “स्थानीय अर्थव्यवस्था की रोशनी” बताकर मंत्री राजपूत ने लोगों से अपील की कि इस बार बाजार जाएं, मिट्टी के दीये जलाएं और त्योहार को सच में लोकल दीवाली बनाएं।