महालक्ष्मी मंदिर में धनतेरस पर खुला कुबेर का खजाना, लाखों की नगदी और आभूषणों से सजाया गया मंदिर
एमपी के रतलाम में प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में धनतेरस के पावन अवसर पर कुबेर का खजाना श्रद्धालुओं के लिए खुल गया। लाखों की नकदी और आभूषणों से सजाए गए मंदिर को देखने और माता के दर्शन करने के लिए सुबह-सुबह हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह साढ़े चार बजे कलेक्टर मिशा सिंह, एडीएम शालिनी श्रीवास्तव, एसपी अमित कुमार, उनके परिवार और सीएसपी मंदिर पहुंचे। कलेक्टर मिशा सिंह ने विधिवत पूजा-अर्चना की और भक्तों को कुबेर पोटली का वितरण किया। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रही, और हर कोई माता के दरबार में कुबेर के खजाने और महालक्ष्मी के श्रृंगार के अद्भुत दर्शन करने के लिए उत्सुक दिखा।
मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में शरद पूर्णिमा के बाद से ही नोटों की सजावट का कार्य शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं द्वारा 1, 5, 10, 100, 200 और 500 रुपए के नोट की लड़ियां बनाकर मंदिर को सजा दिया गया। गर्भगृह में भी नोटों की गड्डियों से विशेष सजावट की गई, जो भाई दूज तक रहेगी।पिछले 10 दिनों में देशभर से 2800 से अधिक श्रद्धालुओं ने राशि जमा करवाई और ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर मंदिर में प्रवेश किया।
शुक्रवार की रात तक नोटों और आभूषणों की सजावट पूरी कर ली गई। शनिवार सुबह कुबेर के खजाने का पट खोला गया और महाआरती हुई। इसके बाद भक्त कुबेर के खजाने और माता के श्रृंगार का दर्शन कर सकते हैं। महालक्ष्मी मंदिर के पुजारी अश्विन ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों से श्रद्धालु आए। भाई दूज के दिन, 23 अक्टूबर को राशि जमा कराने वाले भक्तों को प्रसादी के रूप में उनकी राशि लौटाई जाएगी। धनतेरस से कुबेर पोटली भी बांटी जाएगी।