Sagar- गोवर्धन मेले में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत झूमे मोनियों संग, बुंदेली गीतों से गूंजा मैदान!
सागर में दीपावली के बाद जैसीनगर में आयोजित पारंपरिक गोवर्धन मेला इस बार खास रहा, जब प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंच पर पहुंचकर मोनियों के साथ न केवल गोवर्धन भगवान की पूजा-अर्चना की, बल्कि परंपरागत बुंदेली दिवारी गीतों पर जमकर झूमे भी।
लंका के मैदान में जब "अंगद रोके जांग रे, धरती हल हल जाए रे..." जैसे बुंदेली गीतों की गूंज उठी, तो पूरा माहौल श्रद्धा और उमंग से भर गया। मंत्री राजपूत खुद ताल से ताल मिलाते हुए मोनियों के बीच पहुंचे और स्थानीय कलाकारों के साथ दिवाली गीत गाकर बुंदेली संस्कृति को जीवंत किया।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस अवसर पर कहा गोवर्धन मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। मैं पिछले 30 वर्षों से इस मेले में शामिल होता आ रहा हूँ। हमारे तीज-त्योहार और परंपराएं हमारे गौरवशाली इतिहास की पहचान हैं, इन्हें सहेजना हम सभी का कर्तव्य है।”
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी जैसीनगर के भगवान गोवर्धन के दर्शन कर चुके हैं और सरकार ऐसी संस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर काम कर रही है।
मंत्री राजपूत ने मेले में पहुंचे दुकानदारों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की, खरीदारी की और सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मेला न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और हस्तशिल्पियों के लिए आर्थिक प्रगति का बड़ा मंच भी है।
मंत्री ने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में इस मेले को और भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा ताकि बुंदेली संस्कृति को और अधिक पहचान मिल सके।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी और हजारों ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने पारंपरिक संगीत और नृत्य के बीच उत्सव का आनंद लिया।