गौ-माता को चढ़ाई गई डेढ़ किलो चांदी!, गोवर्धन पूजा का अद्भुत नज़ारा, श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का संगम
एमपी के जबलपुर में इस बार गोवर्धन पूजा का पर्व श्रद्धा और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। दीपावली के अगले दिन मनाए जाने वाले इस पर्व पर शहरभर में धार्मिक जोश और सांस्कृतिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों और घरों में पूजा की तैयारियां जोरों पर रहीं। श्रद्धालुओं ने गौ माता और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की। पारंपरिक रूप से गाय के गोबर से बनाए गए गोवर्धन पर्वत की पूजा कर भक्तों ने भगवान कृष्ण के उस ऐतिहासिक उपदेश को याद किया, जब उन्होंने इंद्रदेव के प्रकोप से वृंदावन वासियों की रक्षा की थी।
शहर के कई हिस्सों में सजे भव्य आयोजनों में भक्तों ने भजन-कीर्तन, दीपदान और प्रसाद वितरण के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त की। जबलपुर के एक प्रमुख आयोजन में गौ माता को प्रतीकात्मक रूप से डेढ़ किलो चांदी चढ़ाई गई, जो श्रद्धा और समर्पण का अनूठा उदाहरण बन गया। पूरे शहर में धूप, दीप और भक्ति के स्वर गूंजते रहे। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजीं, बच्चों ने उत्सव में भाग लेकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। गोवर्धन पूजा के मौके पर शहर की गलियां फूलों और रोशनी से सजी रहीं, वहीं मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगीं। लोगों ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन का भी संदेश दिया। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं का कहना था कि गौ माता हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं, और उनके संरक्षण से ही समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।