गाँव की माताओं-बहनों का नशे के खिलाफ हुंकार! तीतरपानी में अवैध शराबबंदी को लेकर जनआंदोलन
सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तीतरपानी में अवैध शराब और नशे के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गाँव के सैकड़ों लोग एकजुट होकर जनआंदोलन की शक्ल में सड़क पर उतर आए और शराबबंदी की मांग को लेकर जोरदार रैली निकाली। इस रैली में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे गाँव में नशामुक्ति के नारे लगाए। ग्रामीणों ने गाँव के हर गली-मोहल्ले में घूमकर लोगों से शराब और नशे से दूर रहने की अपील की। रैली के बाद सभी लोग एक साथ महाराजपुर थाना पहुँचे, जहाँ उन्होंने थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में लंबे समय से अवैध शराब का धंधा फल-फूल रहा है। शराबी स्कूल के पास बने प्रतीक्षालय में बैठकर शराब पीते हैं और बच्चों के सामने अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे वातावरण दूषित हो रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि शराब, सट्टा और अन्य नशे के कारोबार के कारण गाँव के कई युवा बर्बादी की कगार पर हैं और कई परिवारों का सुख-चैन छिन गया है। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि गाँव में अवैध शराब विक्रय और नशे के ठिकानों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि बबलू आदिवासी और उपसरपंच रविंद्र पटेरिया ने कहा कि अगर प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस और प्रशासन गाँव में जल्द ही शांति और स्वच्छ सामाजिक माहौल बहाल करेगा। तीतरपानी के इस आंदोलन ने एक बड़ा संदेश दिया है — अगर समाज ठान ले, तो नशे और अवैध शराब जैसे बुराइयों का अंत निश्चित है।