ऐतिहासिक सगरा तालाब में उमड़ी आस्था की भीड़ — श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया छठ महापर्व
उमरिया एमपी के पाली सूर्य उपासना और लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा रविवार को पाली नगर के ऐतिहासिक सगरा तालाब में बड़ी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। तालाब परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे-जैसे सूर्यास्त का समय नजदीक आया, पूरा वातावरण “छठ मैया के जयकारों” से गूंज उठा। चार दिवसीय इस महापर्व के चौथे दिन व्रती महिलाओं ने सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा-अर्चना कर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तालाब के तट पर खड़े होकर दीपदान किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नगर पालिका प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए थे। पूरे तालाब परिसर को रंगीन रोशनी और सजावट से सजाया गया। वहीं, पुलिस और नगर पालिका टीम लगातार मौजूद रही ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पूरे आयोजन में महिलाओं की भूमिका प्रमुख रही। उन्होंने व्रत, स्नान और पूजा की परंपरा को पूरे नियमों और श्रद्धा के साथ निभाया। तालाब परिसर में भक्ति गीतों और लोकसंगीत की मधुर ध्वनि देर रात तक गूंजती रही, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और लोकसंस्कृति की खुशबू से भर गया। स्थानीय कलाकारों और भक्त मंडलियों ने छठ मैया के गीतों से कार्यक्रम को और भी मनमोहक बना दिया। बच्चे, बुजुर्ग और युवा — सभी ने इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया। पाली नगर का सगरा तालाब आज एक बार फिर बना आस्था और लोकसंस्कृति का केंद्र, जहां सूर्य उपासना और भक्ति की लहरों ने हर दिल को छू लिया।