बे-मौसम बारिश से धान तबाह! किसानों की मेहनत पर पानी, मंडी में भी भीगी उपज!
मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बेमौसम बारिश ने किसानों की टेंशन बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले 5 दिन का रेड अलर्ट जारी कर दिया है। सबसे ज्यादा मार डबरा और भितरवार क्षेत्र के किसानों पर पड़ी है। डबरा में देर रात से लगातार रुक-रुक कर बारिश जारी है। खेतों में लगी धान की फसल या तो गिरने लगी है या पानी में डूबकर सड़ने की कगार पर है। जो फसल कटकर मंडी पहुँच चुकी है, वह भी बरसात से भीग गई है। मंडी में पानी भरने से व्यापारी बोली तक नहीं लगा रहे, और किसान मजबूर होकर भीगी उपज बचाने में जुटे हैं। कई किसान रातभर फसल ढकने और सुरक्षित रखने की कोशिश में परेशान होते नजर आए।
इस समय धान की कटाई का पीक समय होता है — ऐसे में बारिश की ये मार किसानों पर दोहरा संकट बनकर टूटी है। किसान कह रहे हैं कि यदि बारिश का दौर ऐसे ही जारी रहा, तो उनकी सालभर की कमाई पानी में बह जाएगी। मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। मालिक सिंह, प्रदेश महासचिव भारतीय किसान यूनियन बोले लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सरकार को तुरन्त नुकसान का सर्वे कराकर राहत पैकेज घोषित करना चाहिए। रामसिंह, किसान बोले धान कटाई का वक्त है… लेकिन बारिश से सब खराब हो गया। अगर ऐसे ही बरसा, तो पूरा नुकसान हो जाएगा।”
नोट- इधर शॉट बाईट छोड़नी है
बेमौसम बरसात की मार किसानों को आर्थिक संकट में धकेल रही है। किसान अब सरकार से तत्काल राहत और फसल क्षति के मुआवज़े की मांग कर रहे हैं। आने वाले 5 दिन उनके लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।