BJP में बड़ा ब-वाल! गुं-डे की पत्नी को नगर मंत्री बनते ही फूटा विरोध, पोस्टर फाड़े, सैकड़ों ने दिया इस्तीफा
एमपी के इंदौर की राजनीति में आज बड़ा धमाका! भाजपा की नई नगर कार्यकारिणी घोषित होते ही पार्टी के भीतर ही तूफ़ान खड़ा हो गया है। वजह—एक ऐसे पदाधिकारी की नियुक्ति जिसने पार्टी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर ही बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने 33 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोर रहीं हैं — स्वाति कासिद, जिन्हें नगर मंत्री बनाया गया है।
स्वाति, कुख्यात बदमाश युवराज काशिद उर्फ युवराज उस्ताद की पत्नी हैं, जिन पर हत्या, हत्या के प्रयास और अवैध वसूली जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। युवराज पर दो बार रासुका भी लग चुकी है। जैसे ही नाम घोषित हुआ—बीजेपी कार्यालय पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया। नाराज़ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर नारेबाजी, नगर अध्यक्ष के पोस्टर पर कालिख पोती, यहां तक कि पोस्टर फाड़ दिए। बताया जा रहा है कि करीब 28 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा भी सौंप दिया! हमारे समाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है… अपराधियों के परिजनों को जगह दी जा रही है!
याद दिला दें कि 2022 के नगर चुनाव में बीजेपी ने स्वाति को पार्षद प्रत्याशी बनाया था… लेकिन सिर्फ 16 घंटे में ही उनका टिकट वापस ले लिया गया था, जब युवराज की आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आई थी। विरोध करने वालों का कहना है—पार्टी नेताओं ने नियमों को ताक पर रखकर यह नियुक्ति की है। जबकि पार्टी पहले दावा कर चुकी है—आपराधिक पृष्ठभूमि वाले रिश्तेदारों को भी टिकट नहीं दिया जाएगा! अब सवाल यह है कि क्या बीजेपी इस विवादित नियुक्ति पर अपनी सफाई पेश करेगी… या फिर संगठन में असंतोष और गहराएगा? इंदौर में बीजेपी की यह रार—आने वाले चुनावी माहौल पर क्या असर डालेगी… यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।